

Mumbai Water Cut BMC 10 Percent Water Reduction: मुंबई की झीलें इस बार मानसून में लबालब भरने के बावजूद शहर पर जलसंकट का खतरा मंडरा रहा है। अल नीनो के संभावित प्रभाव और भविष्य में बारिश के अनिश्चित पैटर्न को देखते हुए मुंबईकरों को फिलहाल 10 प्रतिशत पानी कटौती से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। बीएमसी के मुताबिक, 1 अक्टूबर तक सातों जलाशयों में 96.37 प्रतिशत यानी 13 लाख 94 हजार मिलियन लीटर पानी जमा है।
इसके बावजूद यदि पानी की खपत पर नियंत्रण नहीं रखा गया, तो यह भंडार 20 मई 2027 तक ही पर्याप्त होगा। ऐसे में अगले मानसून तक यानी 21 जुलाई 2027 तक जलापूर्ति का संतुलन बनाए रखने के लिए 10 प्रतिशत पानी कटौती जारी रखना जरूरी माना जा रहा है।
बता दें कि अल नीनो का असर अगले वर्ष भी रह सकता है, इसलिए भविष्य को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि अंतिम निर्णय राज्य सरकार के हाथों में है।
मुंबई शहर की प्यास बुझाने वाली अपर वैतरणा, मोडक सागर, मध्य वैतरणा, तानसा, भातसा, विहार और तुलसी इन सातों झीलों की कुल उपयोगी जल क्षमता
14 लाख 47 हजार मिलियन लीटर है। शहर में रोजाना करीब 4,600 एमएलडी पानी उठाकर उसका शुद्धिकरण किया जाता है और करीब 4,100 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है। वहीं, रिसाव, पानी की चोरी और बड़े पैमाने पर वाष्पीकरण के कारण पानी का काफी हिस्सा बर्बाद हो रहा है।
मुंबई बीएमसी के पास पिछले वर्षों का करीब 3 लाख 29 हजार मिलियन लीटर आरक्षित जल भंडार भी है। समय पर बारिश होने से इस भंडार का बड़ा हिस्सा बच गया है। हालांकि, पानी की खपत और उपलब्धता के समीकरण को देखते हुए बीएमसी को जल भंडार का सावधानीपूर्वक नियोजन करना पड़ रहा है।
पानी के मौजूदा स्टॉक की वास्तविक स्थिति का सही आकलन जलाशयों का निरीक्षण करने के बाद ही हो सकेगा, हालांकि, अलनीनो का प्रभाव अगले वर्ष तक कितना रहेगा, इसका अभी सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है। ऐसी स्थिति में शेष अवधि के लिए अतिरिक्त पानी की आवश्यकता पड़ सकती है, जिसके लिए राज्य सरकार से पानी लेना पड़ सकता है। इस संबंध में अंतिम निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर ही लिया जाएगा।
गणेश खणकर (सदन नेता, बीएमसी)
पानी की समस्या है तो बीएमसी स्विमिंग पूलों में पानी की आपूर्ति क्यों कर रही है ? जरूरतमंदों को पानी मिलने से ज्यादा जरुरत स्विमिंग पूल है क्या ? जब पानी का संकट है तो पानी का सही इस्तेमाल किया जाए। बीएमसी प्रशासन को पानी के रिसाव पर रोक लगाने की जरूरत है।
जमीर कुरैशी (स्टैंडिंग कमिटी सदस्य, एमआईएम)
बीएमसी अतिरिक्त आयुक्त अभिजित बांगर ने बताया कि जल विभाग में अभियंता यानी इंजीनियर की भी कमी है। असिस्टेंट इंजिनियर के 45 से 50 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं और जूनियर इंजिनियर के 30 प्रतिशत पद खाली है। ऐसे में एक इंजीनियर घर दो से तीन इलाके की जिम्मेदारी होती है।
इसलिए पानी की शिकायत का समाधान करने में निर्धारित समय से अतिरिक्त समय जाता है। आगामी दिनों में तापमान, वाष्पीकरण और बारिश की स्थिति को देखते हुए पानी कटौती को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल मुंबईकरों को पानी बचाकर इस्तेमाल करने की अपील की गई है।