मुंबई में टैंकर माफिया राज! BMC में गरमाया पानी का मुद्दा, नगरसेवक बोले- तलवार दिखाकर दे रहे धमकी
Mumbai Water Crisis: मुंबई में पानी की किल्लत और टैंकर माफिया के आतंक पर BMC सभा में भारी हंगामा हुआ। नगरसेवकों ने प्रशासन और माफिया की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
- Written By: आकाश मसने
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: AI)
Mumbai Water Supply Update: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका होने के बावजूद मुंबई के नागरिक आज बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। मुंबई शहर में पानी सप्लाई का मुद्दा बीएमसी सभा में मंगलवार को नगरसेवकों ने जोर-शोर से उठाया। वार्ड 86 के शिंदे गुट के नगरसेवक रितेश राय ने पानी न मिलने का मुद्दा सभा में रखा जिस पर सभी नगरसेवकों ने सहमति जताई और बीएमसी प्रशासन को जमकर लताड़ लगाई।
नगरसेवकों ने प्रशासन और टैंकर माफियाओं की मिलीभगत का भी मुद्दा उठाया जिससे सभा में यह मुद्दा गर्मा गया। उन्होंने कहा कि टैंकर माफियाओं ने शहर में कब्जा कर लिया है। सभागृह नेता गणेश खणकर ने कहा कि प्राइवेट टैंकर पानी सप्लाई करने का 3500 रुपये से 4000 रुपये लेते है। टैंकर माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाने पर वो नगरसेवकों को तलवार निकालने की धमकी देते हैं। एशिया की सबसे धनी मनपा मुंबईकरों को पानी भी सप्लाई नहीं कर पा रही है। अगर पानी सप्लाई हो भी रहा है, तो या पानी गंदा है या पानी का प्रेशर बहुत कम है।
सभी नगरसेवकों ने सहमति जताई
गणेश खणकर ने बताया की मुंबई नगरसेवक चलाएंगे ना की टैंकर माफिया। एमआईएम के गुट नेता विजय उबाले ने सभा में कहा कि गोवंडी के झोपड़पट्टी इलाके में भी पानी की समस्या है। दूषित पानी आने से लोगों की तबियत खराब हो जाती है। पानी आने का कोई निश्चित समय नहीं रहता है। कभी सुबह 4 बजे तो कभी रात को दो बजे पानी आता है जिससे रहवासियों को समस्या होती है। अगर कहीं पाइपलाइन में रिसाव हो जाता है तो उसे ठीक करने में बीएमसी को 4 से 6 दिन लगते है तबतक आम व्यक्ति परेशान रहता है। बीजेपी के नगरसेवक प्रवीण छेड़ा ने बताया कि टैंकर माफियाओं के साथ बीएमसी प्रशासन का अग्रीमेंट हो चुका है।
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बीएमसी को जमकर लगाई लताड़
हाई राइज बिल्डिंग 20 से 25 लाख रुपये प्रति महिना निजी टैंकर माफियाओं को देती है। पाइपलाइन में रिसाव होने पर बीएमसी आंखे मूंदे रहती है। शहर में निजी कुआं बढ़ गए है जिसकी गिनती होनी चाहिए। इन कुओं से टैंकर माफिया पानी सप्लाई करते है। घाटकोपर के एलबीएस मार्ग पर कई टैंकर खड़े रहते हैं। मेंटेनेंस टैक्स, पानी टैक्स, सीवेज टैक्स भरने के बाद भी लोगों को पानी नहीं मिलता है।
बीएमसी में क्या बोले नगरसेक?
बीजेपी के नगरसेवक प्रवीण छेड़ा ने बताया कि यह एक गंभीर विषय है नगरसेवक प्रकाश दरेकर ने बताया कि मुंबई को अंतरराष्ट्रीय शहर का दर्जा दिया जाता है, पर हम पानी के विषय को लेकर चर्चा कर रहे हैं। इसके जवाब में अतिरिक्त मनपा आयुक्त अभिजित बांगर ने बताया कि शहर की आबादी सवा करोड़ से ऊपर है और फ्लोटिंग आबादी मिलाकर लगभग 2 करोड़ है जिससे प्रतिदिन 4662 एमएलडी पानी की आवश्कयता होती है।
बीजेपी नगरसेविका दिशा यादव ने कहा कि पानी की समस्या एक गंभीर विषय है, मेरे वार्ड में कई दिनों से लो प्रेशर पानी सप्लाई हो रहा है। पाइप लाइन लीकेज के बाद बीएमसी तुरंत समस्या का समाधान नहीं करती है। लीकेज ठीक करने में बीएमसी को कई दिन लग जाते हैं। मैं सभा में यह मुद्दा उठाई, ताकि बीएमसी प्रशासन मामला संज्ञान में ले।
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कांग्रेस नगरसेवक वकार खान ने कहा कि टैंकर माफियाओं का मुद्दा काफी बिल्डिंग रीडिवेलपमेंट में गई है, इन बिल्डिंग को बनाने में इस्तेमाल होने वाला पानी के लिए बिल्डर अवैध तरीके से कनेक्शन लेते हैं, ताकि पानी बिल नहीं भरना पड़े, बारिश के पानी को स्टोर करना बहुत जरूरी है। इसके लिए मैं बीएमसी इंजीनियर को पत्र भी लिखा हूं। पानी का प्रेशर कम होने की वजह से लोगों को मोटर लगाना पड़ता है।
बीजेपी नगरसेविका प्रीति साटम ने बताया कि टैंकर माफिया एक बहुत बड़ी लॉबी है। बीएमसी के पास जब खुद के टैंकर है तो प्राइवेट टैंकर की जरूरत क्यों पड़ती है ? बीएमसी प्रशसन को प्राइवेट टैंकर को इजाजत नहीं देना चाहिए।
बीएमसी में 24 घंटे पानी सप्लाई का
कांग्रेस गुट नेता अशरफ आजमी ने कहा कि वादा किया गया था, जो अब तक पूरा नहीं किया गया है। कुला दक्षिण में 4 से 5 वार्ड आते हैं जहां पानी का प्रेशर कम रहता है, बिना बताए कभी भी पानी की सप्लाई बंद हो जाती है। बीएमसी एक टैंकर का 600 रुपये चार्ज करती है, जबकि प्राइवेट टैंकर लगभग 3500 रुपये लेते हैं। ऐसे में बीएमसी को अपने टैंकर बढ़ाने की जरूरत है। दूषित पानी व पानी सप्लाई के मुद्दे को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
