

Maharashtra News: भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम उपलब्धि दर्ज करते हुए मुंबई विश्वविद्यालय से संबद्ध विवेकानंद एजुकेशन सोसाइटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VESIT), चेंबूर ने स्वदेशी इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) चिप का सफलतापूर्वक डिजाइन किया है। इस चिप को नई दिल्ली में आयोजित ‘सेमीकॉन इंडिया 2025’ के दौरान प्रधानमंत्री को भेंट किए गए ऐतिहासिक कोलाज में शामिल किया गया, जो संस्थान और मुंबई विश्वविद्यालय दोनों के लिए गर्व का क्षण है।
इस प्रोग्रामेबल गेन एम्प्लीफायर आईसी चिप का विकास भारत सरकार के ‘चिप्स टू स्टार्टअप (C2S)’ कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ। परियोजना को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से 82.59 लाख रुपए का अनुदान मिला। इस चिप का निर्माण सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला, मोहाली में 180 एनएम CMOS तकनीक का उपयोग करके किया गया है।
इस उपलब्धि के साथ VESIT, उद्योग-अकादमिक श्रेणी में मान्यता पाने वाला महाराष्ट्र का एकमात्र निजी इंजीनियरिंग कॉलेज बन गया है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे मुंबई विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है।
मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवींद्र कुलकर्णी ने इस सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उच्च शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विवेकानंद इंस्टीट्यूट का योगदान आने वाले समय में अन्य कॉलेजों को भी अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी से सेमीकंडक्टर क्षेत्र में यह प्रगति ‘आत्मनिर्भर भारत’ और भारत सेमीकंडक्टर मिशन को मजबूती देती है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि भारतीय संस्थान वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। इस चिप के सफल विकास के साथ मुंबई के छात्रों और शोधकर्ताओं के सामने अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास के नए द्वार खुलेंगे। निश्चित रूप से यह उपलब्धि देश की तकनीकी प्रगति को नई दिशा देने के साथ ही आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगी।