अनिल परब व राम शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Milind Narvekar And Anil Parab On Bomb Threat: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एक बार फिर आतंकियों के निशाने पर होने की खबर से दहल उठी है। गुरुवार सुबह महाराष्ट्र विधान भवन, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), मुंबई उच्च न्यायालय, मुंबई मेट्रो और एक प्रमुख बैंक को “मिसाइल और बम हमलों” से उड़ाने वाला एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। यह ईमेल ठीक उस समय आया जब विधान भवन में राज्य का बजट सत्र चल रहा है।
विधान परिषद के अध्यक्ष राम शिंदे ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि गुरुवार सुबह 6 बजकर 57 मिनट पर विधानसभा के आधिकारिक ईमेल अकाउंट पर एक संदेश प्राप्त हुआ। इस ईमेल में विस्तार से बताया गया था कि किन-किन प्रमुख इमारतों को निशाना बनाया जा सकता है। इसमें “मिसाइल अटैक” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए।
राम शिंदे ने पत्रकारों से बात करते हुए संकेत दिया कि इस धमकी भरे ईमेल का तार खालिस्तान समर्थकों से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और बिना ठोस सबूत के किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। गृह विभाग और साइबर सेल ईमेल के आईपी एड्रेस को ट्रैक करने में जुटे हैं।
धमकी की खबर मिलते ही दक्षिण मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित विधान भवन में सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया। बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) और डॉग स्क्वाड ने तुरंत मोर्चा संभाला। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत परिसर में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। एहतियात के तौर पर बजट सत्र की कार्यवाही के बीच में ही गहन तलाशी अभियान चलाया गया। घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने परिसर को सुरक्षित घोषित किया, क्योंकि वहां कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
सदन के भीतर इस मुद्दे पर भारी हंगामा भी देखने को मिला। शिवसेना (यूबीटी) के विधायक मिलिंद नार्वेकर ने मांग की कि खतरे की गंभीरता को देखते हुए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जानी चाहिए। वहीं, अनिल परब ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि 350 विधायक यहां मौजूद हैं, जो 12 करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। अगर सरकार इस खतरे पर स्पष्ट बयान नहीं दे रही है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा?
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फिलहाल पुलिस इसे एक अफवाह मानकर चल रही है, लेकिन सुरक्षा में कोई ढील नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) खुद इस स्थिति की निगरानी कर रहा है। विधान परिषद अध्यक्ष ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि शाम तक इस पूरे मामले पर सदन में आधिकारिक बयान जारी किया जाए।