विश्व क्षयरोग दिवस (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai TB Control Success DRTB Recovery Rate: बीएमसी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, क्षय रोग (टीबी) नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
विश्व क्षयरोग दिवस 24 मार्च के अवसर पर जारी आंकड़ों के अनुसार, टीबी औषध-प्रतिरोधी (डीआरटीबी) मरीजों के ठीक होने की दर पिछले 8 वर्षों में दोगुनी होकर 81 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था के सुदृढ़ प्रयासों को दर्शाता है।
वर्ष 2025 में मुंबई में कुल 54,390 टीबी मरीज दर्ज किए गए, जिनमें से 48,835 मरीज स्थानीय निवासी थे। इनमें 40 प्रतिशत एक्स्ट्रा पल्मोनरी, 6 प्रतिशत बाल रोगी और 8 प्रतिशत मरीज औषध-प्रतिरोधी श्रेणी के थे।
बीएमसी ने टीबी उन्मूलन के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर उपचार पद्धति और व्यापक जन सहभागिता को आधार बनाकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मनपा द्वारा शहर में 45 सीबीनाट और 34 टू नाट मशीनों के माध्यम से टीबी की त्वरित और सटीक जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
पाथोडिटेक्ट मशीनों की भी शुरुआत की जा रही है, जिससे दवा प्रतिरोधी टीबी की पहचान और आसान होगी। वर्ष 2025 में करीब 2 लाख मॉलीक्यूलर टेस्ट किए गए। बीएमसी ने ‘डिफरेंशिएटेड टीबी केयर’ के तहत उच्च जोखिम वाले मरीजों की पहचान कर उन्हें विशेष उपचार प्रदान किया है, जिसमें 19 हजार से अधिक मरीजों को शामिल किया गया।
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यहीं डीआरटीबी मरीजों के लिए 31 क्लिनिक में मुफ्त उपचार उपलब्ध है और 6 महीने की उन्नत पद्धति लागू की गई है। टीबी की रोकथाम के लिए सीवाई-टीबी जांच, हैडहेल्ड एक्स-रे मशीनों का उपयोग और पोषण किट वितरण जैसे उपाय भी प्रभावी साबित हो रहे है। 2 वर्षों में 1।48 लाख से अधिक पोषण किट मरीजों को वितरित किए गए हैं।