LPG संकट के बीच मुंबई में PNG सप्लाई अटकी, छोटे कारोबारियों की बढ़ी मुश्किलें
मुंबई के साकीनाका इलाके में PNG कनेक्शन में वर्षों से हो रही देरी से 500 से अधिक परिवार परेशान हैं। LPG की कमी और महंगाई के बीच यह समस्या लोगों और छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
एलपीजी सिलेंडर (सौजन्य : सोशल मीडिया)
Mumbai LPG Crisis Impact: शहर में एलपीजी गैस सिलिंडर की समस्या ख़त्म नही हो रही है। रेस्टोरेंट, कैटरर्स व स्ट्रीट फूड बेचने वालों के लिए गैस नही मिलना मुसीबत साबित हो रहा है।
इसी बीच अंधेरी स्थित साकीनाका इलाके में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन में हो रही लंबी देरी से स्थानीय निवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वर्षों पहले पाइपलाइन का काम पूरा होने के बावजूद अब तक गैस आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है, जिससे सैकड़ों परिवार प्रभावित हैं।
2010 में किया था PNG के लिए एप्लीकेशन
जानकारी के अनुसार, कई हाउसिंग सोसायटियों ने वर्ष 2010 के आसपास पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। कुछ इमारतों में तो पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी पूरा कर लिया गया, लेकिन अंतिम कनेक्शन अब तक नहीं दिया गया है। इस कारण करीब 500 से अधिक परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
Bhandup Water Treatment Project पर सवाल, सलाहकार नियुक्ति का प्रस्ताव स्थायी समिति में रद्द
महाराष्ट्र में मातृ-शिशु मृत्यु पर सरकार की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, हर मौत की होगी गहन जांच
Maharashtra ST EV Bus: एसटी की ईवी बस परियोजना पर बढ़ा विवाद, तय समय में नहीं मिली 1,288 बसें
मुंबई लोकल यात्रियों के लिए अलर्ट, रविवार को मेन और हार्बर लाइन पर मेगा ब्लॉक
साकीनाका इलाके का मामला
वर्तमान में LPG सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति और बढ़ती कीमतों के चलते लोग पीएनजी की ओर रुख करना चाहते हैं, लेकिन कनेक्शन में हो रही देरी उनकी मुश्किले और बढ़ा रही है। बुजुर्गों, कामकाजी परिवारों और छोटे व्यवसायों पर इसका विशेष प्रभाव पड़ रहा है।
ये भी पढ़ें :- BMC Budget 2026-27 को मंजूरी: 80,952 करोड़ का बजट, विकास निधि फिर शुरू
खासतौर पर स्थानीय बेकरी और छोटे उद्योगों ने शिकायत की है कि उन्होंने कनेक्शन के लिए आवश्यक शुल्क जमा कर दिया है, फिर भी गैस सप्लाई शुरू नहीं हुई, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। इस संबंध मैं महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) का कहना है कि तकनीकी और संरचनात्मक चुनौतियों के कारण देरी हो रही है।
