
मुंबई आरटीओ के नए नियम में हुए हैं बड़े बदलाव (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मुंबई: मुंबई में बढ़ती सड़क दुर्घटना और पुणे पोर्शे कार एक्सीडेंट मामले को देखते हुए, मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने नाबालिग द्वारा यातायात उल्लंघन करने के मामले में जुर्माने की रकम बढ़ाते हुए नियमों में कुछ बदलाव किया है। इसी तरह मुंबई रीजनल ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट (आरटीओ) ने ड्राइविंग लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है। वाहन प्रशिक्षण लेने वाले नए चालकों को अब आरटीओ में ड्राइविंग टेस्ट देने की ज़रूरत नहीं है। बल्कि ट्रेनिंग स्कूल में टेस्ट देकर वह अपना लाइसेंस हासिल कर सकते हैं। यह दोनों नियम एक जून 2024 से लागू किया जायेगा।
नाबालिग के पेरेंट्स पर होगी सख्त कार्रवाई
यातायात विभाग से मिली जानकारी के अनुसार,यदि कोई नाबालिग गाड़ी चलाते हुए दुर्घटना होने पर उसके माता-पिता या अभिभावकों को कानूनी कार्रवाई और वाहन के रजिस्ट्रेशन को रद्द करने के साथ-साथ उन्हें 25,000 रुपये का भारी जुर्माना भी अदा करना पड़ेगा। इसी तरह पहले बिना लाइसेंस के वाहन चलाते हुए पकड़े जाने पर मोटर चालकों को जो 500 रुपये का जुर्माना देना पड़ता था। अब उसी अपराध के लिए 2,000 रुपये या उससे अधिक का भुगतान करना पड़ेगा।
RTO में नहीं ट्रेनिंग स्कूल में होगा ड्राइविंग टेस्ट
गैरतलब है कि, गाड़ी चलाना सिखने वाले आवेदकों को आरटीओ में ड्राइविंग टेस्ट देने की ज़रूरत नहीं होगी। इसके बजाय, ये टेस्ट अब मान्यता प्राप्त निजी ड्राइविंग स्कूलों में आयोजित किए जाएंगे। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने लाइसेंस प्रक्रिया को ‘सरल’ बनाने के मद्देनजर ये नए ड्राइविंग लाइसेंस नियम जारी किए हैं। वहीं आवेदकों को कार और दोपहिया जैसे हल्के मोटर वाहनों के लिए 29 घंटे (4 सप्ताह) और ट्रक, बस आदि जैसे भारी मोटर वाहनों के लिए 38 घंटे (6 सप्ताह) का प्रशिक्षण लेना होगा। ये प्रशिक्षण दो भागों में होंगे, जहां आवेदक यातायात मानदंडों और व्यावहारिक प्रशिक्षण के बारे में सीखेंगे, यानी अपनी परीक्षा से पहले वाहन चलाने का अभ्यास करेंगे। आवेदकों को अपना प्रशिक्षण पूरा करने और परीक्षण पास करने पर एक प्रमाणपत्र मिलेगा, जिसका उपयोग करके वे नज़दीकी आरटीओ में आगे परीक्षण किए बिना ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं।






