Mumbai Police Lady Power (फोटो क्रेडिट-X)
Female Senior Police Inspectors Mumbai: मुंबई पुलिस ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए महानगर की सुरक्षा व्यवस्था में ‘लेडी पावर’ का दबदबा कायम किया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जारी की गई इस विशेष रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के 8 महत्वपूर्ण पुलिस थानों की कमान अब महिला वरिष्ठ पुलिस निरीक्षकों (सीनियर इंस्पेक्टर) के हाथों में है। इसके अतिरिक्त, मुंबई पुलिस के उच्च स्तर पर भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, जिसमें 6 एसीपी, 1 डीसीपी, 1 अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और 1 संयुक्त पुलिस आयुक्त (इंटेलिजेंस) के पदों पर महिला अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ऐसा करके मुंबई देश का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहाँ सुरक्षा के इतने महत्वपूर्ण पदों पर इतनी बड़ी संख्या में महिला अधिकारी नेतृत्व कर रही हैं।
पुलिस कमिश्नर विवेक फणसल्कर के नेतृत्व में ये महिला अधिकारी न केवल अपराधियों पर नकेल कस रही हैं, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल भी पेश कर रही हैं। संवेदनशील पुलिस थानों की जिम्मेदारी संभालने से लेकर साइबर अपराधों को सुलझाने तक, ये ‘महिला सिंघम’ हर मोर्चे पर अपनी काबिलियत साबित कर रही हैं। मुंबई के खुफिया विभाग (इंटेलिजेंस) की कमान वर्तमान में संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह के पास है, जबकि मुंबई यातायात नियंत्रण की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. प्रियंका नारनवरे संभाल रही हैं।
मुंबई के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन की जिम्मेदारी अनघा सातवसे को दी गई है, जबकि मानखुर्द की कमान मधु घोरपड़े संभाल रही हैं। इसी तरह, चूना भट्टी में निशा जाधव, ट्रॉम्बे में ऋता नेमलेकर और खेरवाड़ी पुलिस स्टेशन में सुप्रिया पाटिल को वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के पद पर नियुक्त किया गया है। आधुनिक युग की चुनौतियों को देखते हुए साइबर विभाग की कमान भी महिलाओं को सौंपी गई है, जिसमें सुवर्णा शिंदे पश्चिम प्रादेशिक विभाग साइबर और किरण आहेर उत्तर प्रादेशिक विभाग साइबर का जिम्मा संभाल रही हैं। पंतनगर पुलिस स्टेशन की बागडोर लता सुतार के हाथों में है, जिन्होंने कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने का संकल्प दोहराया है।
मुंबई पुलिस प्रशासन ने क्षेत्रीय स्तर पर भी महिलाओं के नेतृत्व को मजबूत किया है। पुलिस कमिश्नर ने 6 महिला अधिकारियों को सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के पदों पर पदोन्नत किया है। इसमें रेणुका बुआ को पायधुनी डिवीजन, सुमन चव्हाण को गांवदेवी डिवीजन और प्राची कर्णे को विक्रोली डिवीजन की जिम्मेदारी मिली है। इसके साथ ही ज्योत्स्ना रासम को वकोला डिवीजन, नीता पाडवी को मालवणी डिवीजन और कल्पना गाडेकर को डी एन नगर डिवीजन का एसीपी नियुक्त किया गया है। ये नियुक्तियां दर्शाती हैं कि मुंबई पुलिस अब जेंडर न्यूट्रल कार्यशैली की ओर तेजी से बढ़ रही है।
डीसीपी (जोन-4) रागुसुधा आर. के अनुसार, लीडरशिप में महिलाओं की उपस्थिति यह साबित करती है कि साहस और ईमानदारी का कोई जेंडर नहीं होता। महिला अधिकारियों का मानना है कि जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो पूरी कम्युनिटी को प्रेरणा मिलती है। शिवाजी नगर की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनघा सातवसे ने इसे अपने लिए गर्व की बात बताया है कि विभाग ने उन्हें इतने संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा का अवसर दिया। मुंबई पुलिस का यह मॉडल अब देश के अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गया है, जो यह संदेश देता है कि आधी आबादी को उचित अवसर मिलने पर वे सुरक्षा जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकती हैं।