मुंबई में प्रॉपर्टी खरीदारों को राहत! गगनचुंबी इमारतों और झुग्गियों के लिए अलग-अलग तय होंगी रेडी रेकनर दरें
Mumbai Ready Reckoner Rates Update: मुंबई में ऊंची इमारतों और झुग्गियों के लिए अलग रेडी रेकनर रेट तय करने का फैसला। 'माइक्रो जोनिंग' सर्वे शुरू, अगले वित्त वर्ष से लागू होगी नई व्यवस्था।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: गोरक्ष पोफली
बैठक के दौरान चंद्रशेखर बावनकुले (सोर्स: फाइल फोटो)
Mumbai Separate Ready Reckoner Rates Slums: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में प्रॉपर्टी के रेडी रेकनर दरों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। संपत्ति मूल्यांकन प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा निर्णय है। राज्य सरकार ने शहर में “माइक्रो जोनिंग” सर्वेक्षण शुरू किया है, जिसके तहत एक ही इलाके में स्थित गगनचुंबी इमारतों और झोपड़पट्टियों के लिए अलग-अलग रेडी रेकनर दरें तय की जाएंगी। इससे आम नागरिकों, मध्यमवर्गीय परिवारों और झोपड़पट्टीवासियों को संपत्ति लेन-देन में काफी राहत मिलने की संभावना है।
सुविधाओं और विकास के आधार पर दरें
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर यह सर्वेक्षण अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (एमआरएसएसी) की नियुक्ति की गई है। सर्वेक्षण में इलाके की सड़कें, परिवहन व्यवस्था, सामाजिक सुविधाएं, विकास स्तर और भू-उपयोग जैसी विशेषताओं का अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर संपत्तियों का वास्तविक मूल्यांकन कर रेडी रेकनर दरें तय की जाएंगी।
समान दरों से मिलने वाली परेशानी होगी खत्म
अब तक मुंबई के कई क्षेत्रों में झोपड़पट्टियां, चॉलें और ऊंची आवासीय इमारतें एक ही रेडी रेकनर जोन में होने के कारण समान दरों के दायरे में आती थीं। इससे कम आय वर्ग के लोगों को भी अधिक दरों का भार झेलना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इलाके की वास्तविक परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग दरें निर्धारित की जाएंगी, जिससे मूल्यांकन अधिक न्यायसंगत होगा।
सम्बंधित ख़बरें
लगभग 20,000 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र होंगे रद्द, मेयर रितु तावड़े ने किया बड़ा खुलासा, मुंबई मनपा का एक्शन मोड
मुंबई को मिलेगी दूसरी अंडरग्राउंड मेट्रो! वडाला से बांद्रा का सफर होगा आसान, सरकार ने दी ₹3,137 करोड की मंजूरी
भंडारा के राजीव गांधी चौक पर फिर हुआ बड़ा हादसा, टैंकर की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत
मुंबई एसी लोकल में टिकट मांगा तो खुद को बताया आरपीएफ कर्मी, टिकट निरीक्षकों ने ऐसे खोली फर्जी सिपाही की पोल
अगले वित्त वर्ष से होगा लागू
राजस्व विभाग इस योजना को सर्वेक्षण पूरा होने के बाद अगले वित्त वर्ष से लागू करने की तैयारी कर रहा है। वर्ष 2027-28 के वार्षिक मूल्य दर निर्धारण में मुंबई के सिटी सर्वे नंबर और विकास के स्वरूप को आधार बनाया जाएगा। मुंबई में सफलता के बाद अगले दो वर्षों में राज्य के अन्य महानगरों में भी माइक्रो जोनिंग प्रणाली लागू की जाएगी।
जीआईएस तकनीक से सटीक डेटा
पूरे महाराष्ट्र में शहरी, ग्रामीण और प्रभाव क्षेत्रों का सटीक डेटा जुटाने के लिए जीआईएस आधारित नक्शे तैयार किए जाएंगे। इससे संपत्ति पंजीकरण और मूल्य निर्धारण प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आएगी। वास्तविक बाजार स्थिति के अनुरूप दरें तय की जा सकेंगी।
यह भी पढ़ें: लगभग 20,000 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र होंगे रद्द, मेयर रितु तावड़े ने किया बड़ा खुलासा, मुंबई मनपा का एक्शन मोड
आम नागरिकों को मिलेगी राहत
चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि इस निर्णय से रेडी रेकनर दरों में पारदर्शिता बढ़ेगी और मुंबई जैसे महानगर में सामान्य नागरिकों, मध्यमवर्गीय परिवारों तथा झोपड़पट्टी निवासियों को संपत्ति संबंधी लेन-देन में बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागरिकों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है, जिससे संपत्तियों का मूल्यांकन अधिक व्यावहारिक और पारदर्शी बन सके।
