महाराष्ट्र कांग्रेस का एल्गार: सोमवार को हिंगोली की सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस, फडणवीस सरकार को घेरने की तैयारी

Maharashtra Congress Protest: महाराष्ट्र कांग्रेस 9 मार्च 2026 को हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में किसानों के मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ हिंगोली में मोर्चा निकालेगी।
Harshvardhan Sapkal Hingoli March
Harshvardhan Sapkal Hingoli March (फोटो क्रेडिट-X)
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Harshvardhan Sapkal Hingoli March: महाराष्ट्र में राजनीतिक पारा एक बार फिर चढ़ने वाला है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में कांग्रेस सोमवार, 9 मार्च 2026 को केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की फडणवीस सरकार के खिलाफ एक विशाल 'एल्गार' मोर्चा निकालने जा रही है।

यह मार्च कलमनुरी से हिंगोली तक निकाला जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं और सरकार की कथित 'किसान विरोधी' नीतियों को उजागर करना है। कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा सरकारें आम जनता और अन्नदाता के हितों की बलि चढ़ाकर केवल कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुँचा रही हैं।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और किसानों पर संकट

कांग्रेस का सबसे बड़ा आरोप केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए गए नए ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर है। हर्षवर्धन सपकाल के अनुसार, इस समझौते की वजह से भारत के कृषि बाजार में अमेरिकी उत्पादों की डंपिंग होगी, जिससे स्थानीय किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी तरह से अमेरिकी हितों के सामने सरेंडर कर दिया है, जिससे भारत के सोयाबीन, कपास और गेहूं उत्पादक किसानों के सामने राष्ट्रीय आपदा जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि यह समझौता लागू हुआ, तो ग्रामीण भारत में किसानों की आत्महत्या की दर और बढ़ सकती है।

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शक्तिपीठ हाईवे और मनरेगा का मुद्दा

राज्य स्तर पर कांग्रेस 'शक्तिपीठ हाईवे' (नागपुर-गोवा) परियोजना का पुरजोर विरोध कर रही है। सपकाल ने आरोप लगाया कि सरकार बिना जरूरत के इस हाईवे को लाकर उपजाऊ खेती की जमीन हड़पने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का इस्तेमाल कर किसानों की जमीन छीनी जा रही है, जो पूरी तरह से दमनकारी नीति है। इसके अलावा, यूपीए सरकार की फ्लैगशिप योजना 'मनरेगा' (MNREGA) को कमजोर करने और उसे खत्म करने के प्रयासों को भी कांग्रेस ने बड़ा मुद्दा बनाया है। पार्टी का कहना है कि ग्रामीण रोजगार की गारंटी छीनकर सरकार गरीबों को सड़कों पर ला रही है।

यातायात और सुरक्षा को लेकर चेतावनी

कलमनुरी से हिंगोली तक निकलने वाले इस लंबे मार्च में राज्य भर से बड़ी संख्या में महाराष्ट्र कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन जोशी और उपाध्यक्ष सचिन नाइक इस मोर्चे के समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इतनी बड़ी तादाद में लोगों के जुटने से हिंगोली और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की प्रबल संभावना है। स्थानीय प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि वे आदिवासी पदों पर भर्ती, वन अधिकार अधिनियम और घरकुल योजना जैसी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।

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