Mumbai Police: खाकी पर लगा दाग! 25 लाख की सनसनीखेज लूट में अंबोली पुलिस कांस्टेबल गिरफ्तार
Mumbai Police Constable Robbery Arrest: अंधेरी में 25 लाख की लूट मामले में अंबोली थाने का कांस्टेबल गिरफ्तार। 48 घंटे में बरामद हुई पूरी रकम।
- Written By: अनिल सिंह
Mumbai Police Constable Robbery Arrest प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
Mumbai Police Constable Arrest: मुंबई पुलिस के महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अंधेरी पूर्व इलाके में हुई 25 लाख रुपये की दिनदहाड़े लूट में एक सेवारत पुलिस कांस्टेबल की संलिप्तता सामने आई। अंधेरी पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में तत्परता दिखाते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने अंबोली पुलिस स्टेशन में तैनात कांस्टेबल ईश्वर बालकृष्ण जाधव (31) समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि पुलिस ने लूटी गई पूरी 25 लाख की रकम भी बरामद कर ली है।
यह वारदात 3 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 1:40 बजे अंधेरी पूर्व की व्यस्त तेली गली क्रॉस रोड पर हुई। नालासोपारा निवासी शैलेश मोरे, जो एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के सहायक हैं, 25 लाख रुपये नकद लेकर जा रहे थे। तभी आरोपियों ने बेहद फिल्मी अंदाज में उन्हें धमकाया और रुपयों से भरा नीला बैग छीनकर फरार हो गए। भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
सुनियोजित साजिश का खुलासा
शुरुआती जांच में पीएसआई बडे के नेतृत्व वाली विशेष टीम को आभास हो गया था कि यह कोई साधारण लूट नहीं है। आरोपियों को इस बात की सटीक जानकारी थी कि मोरे किस समय और किस रास्ते से नकदी लेकर गुजरेंगे। तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जब कड़ियां जोड़ी गईं, तो शक की सुई विभाग के ही एक जवान की ओर घूमी। 4 अप्रैल की आधी रात को अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर कांस्टेबल जाधव के साथ अभिषेक माली, सागर सुतार और पुरुषोत्तम कनोजिया को दबोच लिया गया।
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कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं, फिर भी रची बड़ी साजिश
हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस को संदेह है कि कांस्टेबल ईश्वर जाधव ने अपने पद और सूचना तंत्र का गलत इस्तेमाल कर इस ‘वन-टाइम’ हाई-वैल्यू ऑपरेशन की योजना बनाई थी। पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी नकदी ले जाने वाले लोगों की रेकी की थी। अदालत ने चारों आरोपियों को 7 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
वर्दी पर उठते सवाल और पुलिस की साख
इस घटना ने मुंबई पुलिस की छवि को गहरा धक्का पहुँचाया है। गौरतलब है कि पिछले महीने भी जुहू पुलिस ने लूट के ही एक मामले में दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया था। कानून के रखवालों का इस तरह अपराध में शामिल होना आम जनता के बीच असुरक्षा का भाव पैदा कर रहा है। फिलहाल, चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। विभाग अब कांस्टेबल जाधव के खिलाफ विभागीय जांच और निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर रहा है।
