Mumbra Protest Netanyahu Trump Posters (फोटो क्रेडिट-X)
Mumbra Protest Netanyahu Trump Posters: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की गूंज अब मुंबई और ठाणे की सड़कों पर सुनाई दे रही है। रविवार को मुंबई के नागपाड़ा और ठाणे के मुंब्रा जैसे मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा विशेष रूप से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ फूटा।
प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर सड़क पर इन वैश्विक नेताओं के पोस्टर चिपकाए गए, जिन पर प्रदर्शनकारियों ने चप्पलें मारीं और अपना विरोध दर्ज कराया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
दक्षिण मुंबई के नागपाड़ा इलाके में विरोध का अनोखा तरीका देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचों-बीच बेंजामिन नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें चस्पा कर दीं। वहां से गुजरने वाले लोग और प्रदर्शनकारी इन तस्वीरों पर जूते-चप्पल मारकर अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल की “कायरतापूर्ण” नीतियों के कारण ही ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की जान गई है। तनाव को देखते हुए मुंबई पुलिस ने नागपाड़ा और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया है।
ये भी पढ़ें- ‘5 मिनट पुलिस हटाओ और…’, औरंगजेब का नहीं बल्कि हिंदुओं का राष्ट्र है भारत, नितेश राणे की विवादित टिप्पणी
ठाणे जिले का मुंब्रा इलाका रविवार को विरोध प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र बना रहा। यहां बड़ी संख्या में लोग बैनर और पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे, जिन पर अमेरिका और इजरायल विरोधी संदेश लिखे थे। मुंब्रा की मुख्य सड़कों पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया क्योंकि भीड़ लगातार नारेबाजी कर रही थी। प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई को ‘इस्लाम का रक्षक’ बताते हुए इस घटना को पूरे मुस्लिम जगत के लिए एक काला दिन करार दिया। स्थानीय प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस कुमक बुलाई है।
प्रदर्शनों की तीव्रता को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस अलर्ट मोड पर है। मुंबई और ठाणे के डीसीपी रैंक के अधिकारी स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने समुदाय के धार्मिक नेताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे हैं, लेकिन विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के पुतले जलाने और पोस्टरों के अपमान को देखते हुए खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया है ताकि शहर की कानून-व्यवस्था न बिगड़े।