

Mumbai Seasonal Diseases BMC Health Department: मुंबई शहर और उपनगरों में इन दिनों मौसमी बीमारियों का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। शहर में जहां एक तरफ मलेरिया और स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य तंत्र की चिंता बढ़ा दी है, वहीं दूसरी तरफ डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस और गैस्ट्रो जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।
इस बदलते मौसमी पैटर्न पर मनपा का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है और संक्रमण की रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक निगरानी रखते हुए नागरिकों से जरूरी सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को जागरूक करते हुए कुछ जरूरी सावधानियां बरतने को कहा है। घरों या बालकनी में पानी जमा न होने दें और पीने के लिए हमेशा उबला हुआ पानी इस्तेमाल करें। सड़क किनारे खुले खाद्य पदार्थों से परहेज करें और जलभराव वाले गंदे पानी में न चलें। मच्छरों से बचाव के लिए रिपेलेट या मच्छरदानी का उपयोग करें,
बुखार, उल्टी या जुकाम होने पर खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी पालिका अस्पताल में जांच कराएं। इसके साथ ही, बीएमसी ने 1 से 30 सितंबर 2026 के बीच चलाए गए चूहा नियंत्रण अभियान के आंकड़े भी साझा किए हैं, जिसके तहत पिंजरे में कुल 1,746 चूहे पकड़े गए और दवा के माध्यम से 1,141 चूहों को समाप्त किया गया।
मुंबई बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल जून से सितंबर के बीच मलेरिया के मरीज बढ़कर 7,422 हो गए, जो पिछले साल इसी अवधि में 5,144 थे। स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। पिछले साल की तुलना में 71 से सीधे 504 मरीज पीड़ित हैं। इसके विपरीत, डेंगू के मामले 3,356 से घटकर 2,941 रह गए हैं।
इसी तरह, गैस्ट्रो के मामले 2,639 से घटकर 2,194 मरीज, लेप्टो के मामले 549 से घटकर 286 मरीज, चिकनगुनिया के मामले 509 से घटकर 66 मरीज और कोविड-19 के मामले 678 से घटकर 165 मरीज पर आ गए हैं।
रोगथाम के लिए बीएमसी ने व्यापक अभियान चलाया है। इसके तहत 11 लाख से अधिक घरो का सर्वे कर 52 लाख से ज्यादा नागरिकों की जांच की गई और 63 हजार से अधिक ब्लड सैपल लिए गए। मच्छरों की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर जांच व दवा का छिड़काव किया गया,
जबकि 45 हजार से अधिक इमारतों और लगभग सात लाख झोपड़ियों में फॉगिंग की गई। गणेशोत्सव के दौरान लगाए गए विशेष शिविरों में 84 हजार से अधिक नागरिकों का पंजीकरण कर मलेरिया की जांच की गई।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों, बालकनी और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। पीने के लिए उबला या सुरक्षित पानी इस्तेमाल करने और सड़क किनारे खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी गई है। जलभराव या गंदे पानी में चलने से भी बचने को कहा गया है।
मच्छरों से बचाव के लिए रिपेलेंट और मच्छरदानी का इस्तेमाल करने तथा बुखार, उल्टी या सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय नजदीकी पालिका अस्पताल में जांच कराने की सलाह दी गई है।
जून से सितंबर के आंकड़े: मलेरिया 5,144 से 7,422, स्वाइन फ्लू 71 से 504, डेंगू 3,356 से 2,941, गैस्ट्रो 2,639 से 2,194, लेप्टो 549 से 286, चिकनगुनिया 509 से 66 और कोविड-19 के मामले 678 से घटकर 165 हुए।