

Pimpri Municipal Corporation Unauthorized Construction: पिंपरी-चिंचवड़ शहर में तेजी से बढ़ रहे अनधिकृत निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए महानगरपालिका ने कड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। रेड जोन, बफर जोन, ग्रीन जोन, नदी की नीली और लाल बाढ़ रेखा, नालों के किनारे तथा आरक्षित जमीनों पर बिना अनुमति किए गए निर्माणों पर अब मूलभूत सुविधाओं के स्तर पर कार्रवाई की तैयारी है।
मनपा प्रशासन ने अनधिकृत इमारतों में बने फ्लैट और दुकानों की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए संबंधित सर्वे नंबरों की विस्तृत जानकारी स्टांप एवं पंजीयन विभाग को भेजने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही बिजली, पानी और ड्रेनेज कनेक्शन पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।
मनपा अब अनधिकृत निर्माण वाले क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी सर्वे नंबर के साथ स्टांप एवं पंजीयन विभाग को उपलब्ध कराएगी। इसके बाद संबंधित सर्वे नंबरों के तहत आने वाली संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
मनपा का मानना है कि रजिस्ट्रेशन नहीं होने की स्थिति में नागरिक ऐसी संपत्तियों की खरीद से बचेंगे। इससे अवैध निर्माण में फ्लैट या दुकान खरीदने वाले लोगों को आर्थिक नुकसान और संभावित धोखाधड़ी से बचाने में मदद मिलेगी।
अनधिकृत निर्माणों पर कार्रवाई के लिए मनपा बिजली विभाग के साथ भी समन्वय करेगी। संबंधित सर्वे नंबरों की जानकारी विभाग को भेजी जाएगी, ताकि अवैध निर्माणों की पहचान करने और वहां दी जा रही सुविधाओं की निगरानी करने में आसानी हो।
पुणे मनपा का उद्देश्य केवल निर्माण के बाद कार्रवाई करने के बजाय संपत्तियों की खरीद-बिक्री और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के स्तर पर ही अनधिकृत निर्माणों पर दबाव बनाना है।
अनधिकृत इमारतों में अवैध तरीके से पानी और ड्रेनेज कनेक्शन लेने वालों पर भी अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। मनपा के जलापूर्ति एवं सीवरेज विभाग की ओर से ऐसे मामलों में आपराधिक मामला दर्ज करने की तैयारी है।
अवैध तरीके से नल या ड्रेनेज लाइन जोड़ने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जा सकती है। इससे बिना अनुमति बनाए गए निर्माणों को मूलभूत सुविधाओं के जरिए वैधता मिलने की संभावना पर रोक लगाने का प्रयास किया जाएगा।
मनपा अतिरिक्त आयुक्त तृप्ती सांडभोर के अनुसार, सर्वे नंबर के साथ पंजीयन और बिजली विभाग को जानकारी भेजने से अनधिकृत संपत्तियों की पहचान आसान होगी। उनका कहना है कि रजिस्ट्रेशन, बिजली और पानी-ड्रेनेज कनेक्शन के स्तर पर एक साथ कार्रवाई होने से लोग अनधिकृत निर्माण खरीदने से पीछे हट सकते हैं।
मनपा का दावा है कि इन तीन स्तरों पर नियंत्रण से अनधिकृत निर्माण के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। खासतौर पर संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्रों में होने वाले नए निर्माणों को रोकने पर प्रशासन का जोर रहेगा।