मिस्ट स्प्रे मशीन (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Misting Machines Shut By BMC: शहर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सड़कों पर धूल कम करने के लिए इस्तेमाल की जा रही मिस्टिंग मशीनों को अब बंद करने का निर्णय लिया गया है।
बीएमसी ने इन मशीनों को चरणबद्ध तरीके से हटाना शुरू कर दिया है और फिलहाल पूरे शहर में केवल छह मशीनें ही संचालित हैं। अधिकारियों का कहना है कि 13 अप्रैल 2026 के बाद इन्हें भी बंद कर दिया जाएगा, जिसके साथ ही यह सेवा पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब शहर में निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआं और बदलते मौसम के कारण हवा की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। इन परिस्थितियों में इस सेवा को बंद करने का फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला है।
मिस्टिंग मशीनों की शुरुआत वर्ष 2023 के अक्टूबर-नवंबर में की गई थी, जब Mumbai की बिगड़ती हवा को लेकर उच्च स्तर पर चिंता व्यक्त की गई थी। ये मोबाइल यूनिट्स संकरी सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी आसानी से काम कर सकती थी और हवा में मौजूद सूक्ष्म धूल कणों को कम करने में कारगर साबित हुई थी।
खासकर उन क्षेत्रों में इनका प्रभाव अधिक देखा गया, जहां बड़े पैमाने पर निर्माण गतिविधियां चल रही थी। पर्यावरण विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने इस पहल को प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपयोगी माना था। उनके अनुसार, कम लागत में प्रभावी परिणाम देने वाली इस सेवा को अचानक बंद करना उचित नहीं लगता।
बताया जाता है कि एक शिफ्ट में इन मशीनों को चलाने का खर्च करीब 3960 रुपये आता था, जिसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से किफायती समझा जाता था। इसके बावजूद इसे बंद करने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए है।
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इस निर्णय के बाद नागरिकों में असंतोष देखने को मिल रहा है, लोगों का मानना है कि जब प्रदूषण पहले से ही गंभीर समस्या बना हुआ है, तब इस तरह की पहल को बंद करना स्थिति को और बिगाड़ सकता है। विशेषज्ञों ने भी चेताया है कि ऐसे उपायों में कमी आने से हवा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।