Maharashtra में 370 नाबालिग बच्चे लापता, मुंबई हॉटस्पॉट-लड़कियों का आंकड़ा अधिक
Mumbai में नाबालिग बच्चों के लापता होने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। 40 दिनों में 90 और जून से नवंबर में 150 बच्चे गायब हुए। पुलिस ने सभी थानों में मिसिंग स्क्वॉड सक्रिय किए हैं और जांच तेज की है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मिसिंग रिपोर्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में नाबालिग बच्चों के लापता होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। मुंबई पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 1 नवंबर से 10 दिसंबर 2025 तक (करीब 40 दिनों की अवधि में) 18 वर्ष से कम उम्र के 90 बच्चे लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इनमें 65 लड़कियां शामिल हैं, जो स्पष्ट लैंगिक असमानता को दर्शाता है, हालांकि मुंबई में बच्चों के लापता होने की घटनाएं नई नहीं हैं, लेकिन मुंबई पुलिस नाबालिगों के हर मामले में तुरंत कार्रवाई करती है और अज्ञात के खिलाफ किडनैपिंग का केस दर्ज किया जाता है।
इसके लिए हर पुलिस स्टेशन में विशेष ‘मिसिंग स्क्वॉड’ भी गठित की गई है। वहीं, जून 2025 से दिसंबर 2025 तक पूरे महाराष्ट्र राज्य में कुल 370 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 268 लड़कियां थीं। पुलिस से मिली संख्या के अनुसार 1 जून से 30 नवंबर 2025 तक करीब 17 साल तक की उम्र के 150 बच्चे मुंबई से लापता हुए हुए हैं, जिसमें 96 लड़कियां 54 लड़के शामिल हैं।
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17 साल तक की उम्र के 150 बच्चे मुंबई से लापता
इलाके के हिसाब से सबसे ज्यादा मामले शिवाजी नगर, देवनार, नेहरू नगर, कुरार गांव, वकोला, पवई मालवणी और साकी नाका पुलिस स्टेशनों के क्षेत्रों में दर्ज हुए है। ये क्षेत्र लगातार हॉटस्पॉट बने हुए है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई मामले सामाजिक कलंक, अंधविश्वास और परिवारों की झिझक के कारण दर्ज ही नहीं हो पाते हैं, इसलिए वास्तविक संख्या उससे कहीं ज्यादा हो सकती है।
जून 2025 में, 70 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 56 लड़कियां थीं। जुलाई (59 लापता, 37 लड़कियां) और अगस्त (51 लापता, 37 लड़कियां) में संख्या में बोड़ी गिरावट आई, लेकिन सितंबर में यह अपरिवर्तित रही, जिसमें 51 बच्चे लापता हुए, जिनमें 37 लड़कियां शामिल थीं।
अक्टूबर में, यह आकड़ा फिर से बढ़कर 57 लापता बच्चों तक पहुंच गया, जिनमें से 41 लडकियां थी। इसके बाद नवंबर में 71 मामले सामने आए, जिनमें 52 लड़कियां शामिल थीं। दिसंबर के पहले छह दिनों में, 11 बच्ची के लापता होने की सूचना पहले ही मिल चुकी है, जिनमें से आठ लड़कियां है, हालांकि अधिकारियों ने बताया कि संख्या अभी भी अपडेट की जा रही है।
पुलिस स्टेशनों में मिसिंग स्क्वाड
बता दें कि मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त राकेश मारिया के कार्यकाल से 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिग लड़के-लड़कियों की गुमशुदगी के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। यदि कोई नाबालिग लड़की किसी लड़के के साथ चली जाती है, तो भी संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) (अपहरण) के तहत मामला दर्ज किया जाता है। इन मामलों से निपटने के लिए मुंबई के सभी पुलिस स्टेशनों में विशेष ‘मिसिंग स्क्वाड’ का गठन किया गया है।
सरकार को चाहिए कि बालिग लड़कियों लड़कों की उम्र 21 कर देना चाहिए 18 साल के बच्चे मनमानी करने लगे है। बच्चों को सही गलत की समझ देना जरूरी है। स्कूलों और कॉलेजों में अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधि के नाम पर ज्ञान देना चाहिए, ताकि वो कोई गलत कदम नहीं उठाये।
– सोनिका अग्रवाल-होम मेकर
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नाबालिग 66 लड़कियों के लापता होने के बढ़ते मामले को पुलिस गंभीरता से लेनी चाहिए, क्योंकि ये चाइल्ड ट्रैफिकिंग केरा भी हो सकता है, इस पहलू से भी जांच होनी चाहिए, हर मामले को प्रेमप्रसंग से जोडना भी सही नहीं है।
– एड। लूसी मैसी हाई कोर्ट
