मुंबई मेट्रो 2B लाइन का निरीक्षण करते अधिकारी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Metro 2B Line Update: मुंबई के पूर्वी उपनगरों में रहने वाले लाखों लोगो के लिए खुशखबरी है। उनके लिए कूल कूल आरामदायक मेट्रो यात्रा का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। क्योंकि एमएमआरडीए ने मुंबई मेट्रो 2बी (येलो लाइन) के पहले चरण को यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी कर ली है। बताया गया है कि मेट्रो 2 बी का पहला फेज जो चेम्बूर तक है, जिसे अप्रैल-मई 2026 तक खोला जा सकता है।
एमएमआरडीए के अनुसार सिविल वर्क लगभग पूरा हो चुका है। सॉफ्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सिग्नलिंग, बिजली की वायरिंग और स्टेशनों के काम अंतिम चरण में हैं। वाणिज्यिक संचालन के पहले मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) की जांच भी अगले माह तक हो सकती है। मेट्रो 2 बी के लिए मंडले डिपो पहले से ही बनकर लगभग तैयार है।
मुम्बई उपनगर के पूर्वी हिस्से सायन-चेम्बूर, मानखुर्द, गोवंडी, महाराष्ट्र नगर में बढ़ी आबादी और भारी ट्रैफिक के चलते यातायात की स्थिति बदतर है। यहां आमतौर पर मात्र 6 किमी की दूरी रिक्शे से तय करने में 45 मिनट लग जाते हैं। सायन-पनवेल हाईवे रोजाना लोग पर ट्रैफिक से जूझते हैं। मेट्रो 2 बी का पहला चरण खुल जाने से स्थिति बदलने वाली है। मेट्रो की मदद से लोग इस दूरी को सिर्फ 10 से 12 मिनट में तय कर सकते हैं।
मुंबई मेट्रो लाइन 2B पर पहले चरण में 5.39 किमी की दूरी में बने सभी 5 स्टेशन को प्लेटिनम रेटिंग मिली है। इनमें मानखुर्द, महाराष्ट्र नगर मंडले, बीएसएनएल मेट्रो, छत्रपति शिवाजी महाराज चौक और देशभक्त एनजी आचार्य उद्यान डायमंड गार्डन शामिल हैं। इन सभी स्टेशनों को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल की तरफ से प्लेटिनम रेटिंग प्रदान की गई है। एमएमआरडीए के अनुसार ये हरित प्रमाणपत्र स्टेशनों की पर्यावरणपूरक रचना एवं अत्याधुनिक निर्माण के लिए दिए गए हैं। एमएमआरडीए आयुक्त डॉ संजय मुखर्जी ने स्टेशनों के दौरा कर अंतिम चरण के कार्यों का जायजा भी लिया है। इसके पहले मेट्रो लाइन 2 ए और 7 के मेट्रो स्टेशनों को प्लेटिनम रेटिंग से नवाजा जा चुका है। दोनों लाइनें कॉर्बन न्यूट्रल के रुप में प्रमाणित हैं।
यह भी पढ़ें:- ‘नरेंद्र मोदी RSS से नहीं…’, प्रधानमंत्री को लेकर ये क्या कह गए संघ प्रमुख मोहन भागवत
मुंबई मेट्रो 2बी (येलो लाइन) 23.64 किमी लंबा एक एलिवेटेड कॉरिडोर है, जो डीएन नगर (अंधेरी) को मंडले (मानखुर्द) से जोड़ने वाला है। लगभग 14 हजार करोड़ की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना में 20 स्टेशन हैं। एक बार पूरी लाइन शुरू होने पर पश्चिमी और पूर्वी एक्सप्रेसवे, उपनगरीय रेलवे और मेट्रो लाइन 1, 2 ए, 3, 4, 6 को आपस में जोड़ेंगे। इस तरह यह पश्चिमी रेलवे, मध्य रेलवे, मोनोरेल और मुंबई मेट्रो की तीन अन्य लाइनों 1, 3 और 4 से जुड़ जाएगी।