फिनिक्स सम्मान के बाद बोले फडणवीस- पत्रकार और राजनेता लोकतंत्र के दो पहिए, आलोचना संग संवाद भी जरूरी
Mumbai News: फिनिक्स सम्मान पाने के बाद सीएम फडणवीस ने कहा कि पत्रकार और राजनेता लोकतंत्र के दो पहिए हैं। आलोचना जरूरी है, पर सरकार की बात भी सुनी जानी चाहिए।
- Written By: सोनाली चावरे
सीएम फडणवीस फिनिक्स से सम्मानित (pic credit; social media)
CM Fadnavis honoured with Phoenix: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पत्रकार और राजनेता लोकतंत्र की गाड़ी के दो ऐसे पहिए हैं, जो साथ-साथ चलते हैं तो ही लोकतंत्र सही दिशा में आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन साथ ही सरकार की बात भी सुनी जानी चाहिए। फडणवीस सोमवार को मराठी पत्रकार संघ द्वारा फिनिक्स सम्मान से सम्मानित किए जाने के बाद बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के हाथों उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को परिपक्व बनाने के लिए पत्रकारिता की स्वतंत्रता अक्षुण्ण रहनी चाहिए। पत्रकारों को आने वाली चुनौतियों और कठिनाइयों को दूर करने के लिए सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की आत्मा हैं और लोकतंत्र को मजबूती देने में उनकी भूमिका बेहद अहम है।
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फडणवीस ने अपने राजनीतिक सफर के उतार-चढ़ाव पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि राजनीति में एक समय ऐसा भी आया जब लोगों को लगा कि उनका करियर खत्म हो गया है। लेकिन सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ उन्होंने फिर से मजबूती से वापसी की। “जब भी आपके जीवन में कठिन समय आए तो हताश होने के बजाय खुद को और मजबूत बनाने का प्रयास करना चाहिए”, उन्होंने यह संदेश भी दिया।
सीएम ने इस अवसर पर श्री श्री रविशंकर के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके ज्ञान और मार्गदर्शन से राज्य के किसानों को नई दिशा मिली है। उन्होंने मराठी पत्रकार संघ और संपादक मंडल का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सम्मान उनके लिए जिम्मेदारी और भी बढ़ाने वाला है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार, संपादक, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में प्रतिनिधि मौजूद थे। फडणवीस के संबोधन पर सभागार तालियों से गूंज उठा। यह सम्मान समारोह न केवल राजनीतिक दृष्टि से बल्कि पत्रकारिता और लोकतंत्र के रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित करने वाला साबित हुआ।
