शिक्षक (सौ. फ्रीपिक)
Mumbai News In Hindi: पिछले 3 वर्षों से लंबित अंतरजिला तबादला प्रक्रिया का सातवां चरण जल्द ही शुरू होने जा रहा है। इस संबंध में प्रधान सचिव ने महाराष्ट्र के सभी शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
इसी के चलते प्रहार शिक्षक संगठन ने दावा किया है कि अंतरजिला तबादलों का ‘मुहूर्त’ आखिरकार मिल गया है। जिला परिषद के अंतर्गत कार्यरत शिक्षक संवर्ग की अंतरजिला तबादला प्रक्रिया पिछले 3 वर्षों से अटकी हुई थी।
इसे तत्काल शुरू न किए जाने पर प्रहार शिक्षक संगठन की ओर से मुंबई के आजाद मैदान में तीव्र आंदोलन की चेतावनी दी गई थी। यह चेतावनी संगठन के राज्य अध्यक्ष महेश ठाकरे ने ग्राम विकास मंत्री और ग्राम विकास विभाग के प्रधान सचिव को दी थी।
संगठन की प्रमुख मांगों में यह शामिल था कि अंतर जिला तबादला प्रक्रिया के 7वें चरण को लागू करने से पहले सभी जिला परिषदों को शिक्षक संवर्ग का रोस्टर समयबद्ध तरीके से अद्यतन करने के निर्देश दिए जाएं।
साथ ही, पेसा क्षेत्र वाले जिलों में शासन निर्णय के अनुसार पैसा क्षेत्र में 20 प्रतिशत और गैर-पेसा क्षेत्र में 80 प्रतिशत रिक्त पद अंतरजिला तबादला प्रक्रिया के लिए उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा, अंतरजिला तबादला प्रक्रिया में उर्दू माध्यम के शिक्षकों के लिए आरक्षित पदों पर यदि योग्य उम्मीदवार उपलब्ध न हों तो उन पदों को शिक्षक भर्ती की तरह खुले वर्ग में परिवर्तित किया जाए। अंतरजिला तबादला प्रक्रिया के लिए 31 मई 2026 तक की सभी रिक्तियों को ध्यान में लिया जाए और इसके लिए एक अलग व स्पष्ट समय-सारणी जारी की जाए।
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जिला परिषद शिक्षकों की अंतर जिला तबादला प्रक्रिया लंबे समय से रुकी होने के कारण हजारों शिक्षक प्रतीक्षा में थे। प्रहार शिक्षक संगठन के निवेदन पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए ग्राम विकास विभाग ने अब इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे तबादले की प्रतीक्षा कर रहे 12000 से अधिक शिक्षकों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में लगातार फॉलो-अप जारी रखा जाएगा।
-महेश ठाकरे, राज्य अध्यक्ष, प्रहार शिक्षक संगठन