महाराष्ट्र सचिवालय का अधिकारी 6.37 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, अनुदान मंजूर करने के नाम पर मांगे थे पैसे
Maharashtra Mantralaya Bribe Case: मुंबई के मंत्रालय में तैनात एक प्रथम श्रेणी अनुभाग अधिकारी को बुनियादी ढांचा अनुदान मंजूर करने के नाम पर 6.37 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए ACB ने गिरफ्तार किया है।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mantralaya Officer Arrested Bribe Case: महाराष्ट्र के सत्ता केंद्र ‘मंत्रालय’ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है। मुंबई की भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (ACB) की टीम ने दक्षिण मुंबई स्थित राज्य सचिवालय में तैनात एक प्रथम श्रेणी (Class-1) अनुभाग अधिकारी, विलास लाड को 6.37 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नवी मुंबई के खारघर इलाके में जाल बिछाकर की गई।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपने गांव के सरपंच की ओर से गांव में बुनियादी ढांचा सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए सरकारी अनुदान हेतु आवेदन किया था। इस अनुदान की मंजूरी की प्रक्रिया के दौरान उनकी मुलाकात अनुभाग अधिकारी विलास लाड से हुई। आरोप है कि लाड ने इस विकास निधि को पास करने के बदले में सरकारी नियमों को ताक पर रखकर 6.37 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।
ACB ने जाल बिछा कर किया गिरफ्तार
भ्रष्टाचार की इस मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने मुंबई भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो का दरवाजा खटखटाया। एसीबी ने 16 मार्च को मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की, जिसमें यह स्पष्ट हो गया कि विलास लाड ने वास्तव में काम के बदले पैसे मांगे थे। पुष्टि होने के बाद, अधिकारियों ने एक सुनियोजित जाल बिछाया।
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जैसे ही आरोपी विलास लाड नवी मुंबई के खारघर में रिश्वत की राशि स्वीकार करने पहुंचा, सादे कपड़ों में तैनात एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। अधिकारियों ने बताया कि लाड एक प्रथम श्रेणी का राजपत्रित अधिकारी है, जिसके चलते इस गिरफ्तारी ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
कानूनी कार्रवाई जारी
एसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और जांच दल यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस रैकेट में मंत्रालय के कुछ अन्य लोग भी शामिल थे।
