मुंबई के धारावी में आधी रात LPG सिलेंडर में लगी आग, 4 लोग झुलसे, दो मासूम भी आग की चपेट में

Dharavi LPG Cylinder Fire: मुंबई के धारावी में LPG सिलेंडर में आग लगने से दो मासूम बच्चों समेत चार लोग झुलस गए। स्थानीय लोगों ने आग बुझाई, सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।
Mumbai LPG Cylinder Fire Four Injured Including Two Children
मुंबई में LPG सिलेंडर में आग लगने से दो बच्चों समेत चार लोग घायल हो गए(सोर्स: AI)
Published on: 
Updated on: 

Mumbai LPG Cylinder Fire Four Injured: धारावी के राजीव गांधी नगर में शनिवार तड़के LPG सिलेंडर में आग लगने से दो बच्चों समेत चार लोग झुलस गए। हादसा सायन-धारावी लिंक रोड स्थित राजीव गांधी स्पोर्ट्स क्लब के पास एक दो मंजिला इमारत में हुआ।

सिलेंडर में आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पा लिया। घायलों को पुलिस वैन से अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में किसी की मौत की सूचना नहीं है। मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस और बेस्ट की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

अस्पताल में इलाज जारी

अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में घायल चार लोगों में दो नाबालिग बच्चे शामिल हैं। दोनों की उम्र चार और पांच वर्ष है। चार वर्षीय बच्चे का करीब 8 प्रतिशत शरीर झुलसा है, जबकि पांच वर्षीय बच्चा करीब 5 प्रतिशत जला है। वहीं, अन्य दो घायलों के शरीर पर क्रमशः 15 और 30 प्रतिशत तक जलने की चोटें बताई गई हैं।

सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। BMC फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के अनुसार, आग पर रात करीब 12:10 बजे तक पूरी तरह काबू पा लिया गया था। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

Mumbai LPG Cylinder Fire Four Injured Including Two Children
Fake Raid: स्पेशल 26 की तर्ज पर फर्जी सर्च वारंट दिखा कारोबारी से ठगे 1 करोड़ रूपएं, मुंबई पुलिस ने 6 को दबोचा

कांदिवली में भी आग से मचा था हड़कंप

मुंबई में पिछले महीने भी आग की एक घटना सामने आई थी। कांदिवली पश्चिम के कांदिवली स्टेशन रोड स्थित एक कमर्शियल इमारत में लेवल-1 की आग लगी थी। BMC फायर ब्रिगेड ने दूसरी मंजिल पर बने लॉजिंग हाउस से 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था।

आग अभिराई होटल के पास फल की अस्थायी दुकान में लगी बिजली की वायरिंग से जुड़े सामान, लकड़ी के फर्नीचर, तिरपाल, बांस और प्लास्टिक की वस्तुओं तक सीमित रही थी। चौथी मंजिल पर करीब 50 वर्ग फुट क्षेत्र में रखे कपड़े, लकड़ी का फर्नीचर और फॉल्स सीलिंग भी प्रभावित हुए थे।

Navbharat Live
navbharatlive.com