कैंसर मरीजों को घर के पास मिलेगी कीमोथेरेपी, सितंबर से मुंबई के कांदिवली शताब्दी अस्पताल में शुरू होगी सेवा

Cancer Treatment In Mumbai: मुंबई के कांदिवली शताब्दी अस्पताल में सितंबर से कीमोथेरेपी सेवा शुरू होगी। इससे पश्चिम उपनगर के कैंसर मरीजों को घर के पास इलाज मिलेगा और टाटा मेमोरियल पर दबाव कम होगा।
Cancer Treatment In Mumbai Kandivali Shatabdi Hospital Chemotherapy Service September
कांदिवली शताब्दी अस्पताल में कीमोथेरेपी (सोर्स: AI)
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Cancer Treatment In Mumbai Kandivali Shatabdi Hospital: पश्चिम उपनगर के हजारों कैंसर मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। बीएमसी सितंबर से कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल में अत्याधुनिक कीमोथेरेपी वार्ड शुरू करने जा रही है। इस वजह से बोरीवली, कांदिवली, मलाड, गोरेगांव समेत आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को घर के पास ही यह सुविधा मिल सकेगी।

साथ ही उन्हें इलाज के लिए परेल स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल तक बार-बार लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इससे मरीजों का समय, यात्रा खर्च और प्रतीक्षा अवधि कम होगी। वहीं, देश के प्रमुख कैंसर संस्थान टाटा मेमोरियल अस्पताल पर बढ़ता मरीजों का दबाव भी काफी हद तक घटने की उम्मीद है।

कीमोथेरेपी शुरू करने की तैयारी

बीएमसी ने अस्पताल में कीमोथेरेपी सेवा शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके तहत आवश्यक उपकरणों की खरीद, जीवनरक्षक दवाओं का भंडारण व प्रशिक्षित ऑन्कोलॉजिस्ट और नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होते ही सितंबर से मरीजों को यह सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी।

फिलहाल, पश्चिम उपनगर के अधिकांश कैंसर मरीज हर कीमोथेरेपी सत्र के लिए टाटा मेमोरियल अस्पताल पर निर्भर हैं। बार-बार लंबी दूरी तय करना विशेषकर बुजुर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए बेहद कठिन साबित होता है। नई सुविधा शुरू होने से उन्हें अपने घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा।

तेजी से चल रहा कार्य

शताब्दी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में कीमोथेरेपी वार्ड स्थापित करने का कार्य तेजी से चल रहा है। आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है और सितंबर से सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

टाटा पर कम होगा मरीजों का बोझ

अधिकारियों का कहना है कि कैंसर उपचार सेवाओं के विकेंद्रीकरण से टाटा मेमोरियल अस्पताल पर मरीजों का बोझ कम होगा। इससे वहां जटिल और विशेष उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों को अधिक तेजी और बेहतर ढंग से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

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