मुंबई लोकल ट्रेन (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Peak Hours Express Train Ban: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। मध्य रेलवे (Central Railway) ने उपनगरीय नेटवर्क पर लोकल ट्रेनों की पंक्चुअलिटी और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा परिचालन बदलाव किया है।, नए निर्देशों के अनुसार, अब पीक ऑवर्स (व्यस्त समय) के दौरान लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों को उपनगरीय रेलवे कॉरिडोर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
रेलवे के इस नए सिस्टम के तहत, एक्सप्रेस ट्रेनों को शहर के बाहरी इलाकों में स्थित कुछ विशिष्ट ‘गेटवे स्टेशनों’ पर रेगुलेट किया जाएगा। इन स्टेशनों में मुख्य रूप से टिटवाला (Titwala) और आसनगांव (Asangaon) शामिल हैं।, व्यस्त समय के दौरान ये स्टेशन हॉल्टिंग पॉइंट के रूप में कार्य करेंगे, जिससे एक्सप्रेस ट्रेनों को भारी यातायात वाले उपनगरीय खंडों में प्रवेश करने से रोका जा सके और लोकल ट्रेनों के लिए रास्ता साफ रहे।
अबतक के परिचालन में देखा गया है कि पीक ऑवर्स के दौरान एक्सप्रेस और उपनगरीय सेवाओं के बीच ओवरलैप होने से पटरियों पर भारी भीड़ (congestion) हो जाती थी। इसके परिणामस्वरूप लोकल ट्रेनें अक्सर अपने निर्धारित समय से पिछड़ जाती थीं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मुंबई की जीवन रेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेनें बिना किसी बाधा के अपने निर्धारित समय पर चल सकें।
मुंबई की विशाल कामकाजी आबादी, जो अपने कार्यालयों, कॉलेजों और कार्यस्थलों तक पहुंचने के लिए पूरी तरह से लोकल ट्रेनों पर निर्भर है, इस निर्णय से सबसे अधिक लाभान्वित होगी। यात्रियों को अब ट्रेनों के लिए कम प्रतीक्षा करनी होगी और परिचालन संबंधी बाधाओं के कारण होने वाली भारी भीड़ से भी निजात मिलेगी। यह उपाय उपनगरीय रेल संचालन को अनुकूलित करने और दैनिक यात्रियों के लिए विश्वसनीयता और एक पूर्वानुमानित यात्रा अनुभव प्रदान करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
यह भी पढ़ें:- BMC Mayor Election: 11 फरवरी को मुंबई को मिलेगा नया महापौर, चुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान, जानिए सियासी समीकरण
जहां एक ओर मध्य रेलवे अपनी सेवाओं में सुधार कर रहा है, वहीं वेस्टर्न रेलवे (Western Railway) के यात्रियों को हाल ही में काफी असुविधा का सामना करना पड़ा है। बुधवार को विरार और चर्चगेट के बीच कई लोकल सेवाएं 10 से 50 मिनट तक देरी से चलीं, जिससे प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में भारी भीड़ जमा हो गई। कई यात्रियों ने शिकायत की है कि पिछले 40 दिनों से वेस्टर्न रेलवे की सेवाएं असंगत रही हैं। मध्य रेलवे का यह नया कदम यात्रियों की उन शिकायतों का समाधान है जिसमें वे सेवाओं की विश्वसनीयता की मांग कर रहे थे।