रेलवे का नया फैसला विवादों में, Mumbai Local Train में वेंडर एंट्री से महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
Mumbai Local Train Service में फेरीवालों को अधिकृत करने के रेलवे के फैसले से यात्रियों में नाराजगी बढ़ गई है। खासतौर पर महिला डिब्बों में पुरुष वेंडरों की एंट्री से सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई लोकल ट्रेन (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Local Train Service Vendors Allowed: आने वाले दिनों में रेलवे के लोकल ट्रेन में यात्रियों को मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। रेल विभाग ने मुंबई के उपनगरीय लोकल के सामान्य और एसी ट्रेनों के अलावा दूरदराज के बिना पेंट्रीकार वाले मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में फेरीवालों को सामान बेचने के लिए अधिकृत कर दिया है।
जानकारी के अनुसार अब तक तकरीबन 89 लोगों को लाइसेंस दे दिया गया है, जिससे अब फेरीवाले Mumbai Local Trains में खुलेआम सामान बेचते नजर आएंगे।
Mumbai Local Train के महिला डिब्बों में पुरुष वेंडर समान बेचने लगे हैं, जिससे माहिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगा है। हालांकि रेलवे प्रशासन ने 2023 में ही इसकी तैयारी कर ली थी, जिसके बाद इसको लेकर काफी विरोध हुआ नवभारत अखबार में मुद्दे को प्राथमिकता से उठाया गया, जिसके बाद इस फैसले को वापस ले लिया गया था।
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अब फिर से रेलवे प्रशासन ने इसे लागू कर दिया है। इस निर्णय को लेकर यात्रियों की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो रहा है, यहां एक तरफ प्रशासन सड़कों और फुटपाथों से फेरीवालों को हटाने के लिये जद्दोजहद कर रही है, वहीं रेलवे के इस निर्णय से लोगों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है।
Mumbai Local Train में मिली फेरीवालों को मंजूरी
स्थानीय सांसद संजय पाटिल, जेडआरयूसीसी (क्षेत्रीय रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति) सदस्य राजीव सिंघल ने भी विरोध जताया है। आम लोगों का भी कहना है अभी तक तो सड़कों और फुटपाथों पर फेरीवालों का कब्जा हुआ करता था, अब रेलवे के लोकल ट्रेनों में भी फेरीवाले दबंगई से कब्जा करते देखे जाएंगे। वह दिन दूर नहीं जब यही फेरीवाले ट्रेनों में यात्री सीटों पर बैठकर अपना सामान बेचेंगे और मुसाफिर खड़े होकर यात्रा करने पर मजबूर हो जाएंगे।
मुसाफिर खड़े होकर यात्रा करने पर मजबूर हो जाएंगे
- इस मसले पर आरपीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने भी बताया कि रेल प्रशासन ने ट्रेन साइडिंग वेंडर (टीएसवी) की अनुमति दे दी है, अब इससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, महिला डिब्बों में पुरुष वेंडर सामान बेच रहे हैं, जिससे महिलाओं की सुरक्षा प्रभावित होगी।
- एक तरफ प्रशासन जहां फेरीवालों के ऊपर कार्रवाई करने का निर्देश दे रही है, तो दूसरी तरफ अधिकृत किया जा रहा है, ऐसे में बहुत ही मुश्किल हो जाएगा।
- सांसद पाटिल ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र भेजकर इसे रोकने की मांग की है। इस फैसले से यात्रियों में खासी नाराजगी देखी जा रही है।
- पाटिल ने कहा कि यात्री डिब्बों में फेरीवालों और भीख मांगने वालों से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब इस निर्णय से फेरीवाले दबंगई से डिब्बों में घुसकर धंधा करेंगें।
- अभी भी फेरीवाले यात्रियों के डिब्बे में घुसकर जबरन सामान बेचते हैं, रेलवे पुलिस भी इनके ऊपर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है, इससे आने वाले समय में महिलाओं की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी।
रेलवे के लोकल ट्रेनों में भी फेरीवाले दबंगई से कब्जा करते देखे जाएंगे। वह दिन दूर नहीं जब यही फेरीवाले यात्री सीटों पर बैठकर अपना सामान बेचेंगे और मुसाफिर खड़े होकर यात्रा करने पर मजबूर हो जाएंगे। महिलाओं और अन्य यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ेगी।
– संजय दीना पाटिल, सांसद
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रेवेन्यू कलेक्शन के लिए रेलवे ने बचकाना रवैया अपनाया है। टीसी बढ़ा देंगे तो चेकिंग में इससे ज्यादा कलेक्शन होगा। ट्रेनों में चढ़ने, खड़े होने की जगह नहीं है। फेरीवालों को धंधे करने के लिए लाइसेंस दे रहे है, सड़कों और फुटपाथ वाली स्थिति ट्रेनों में देखने को मिलेगी। इस निर्णय को वापस लेना चाहिए।
– राजीव सिंघल, सदस्य, क्षेत्रीय रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए दयाशंकर पाण्डेय की रिपोर्ट
