Mangalprabhat Lodha (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai LIC Building Redevelopment: दक्षिण मुंबई में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की जर्जर और पुरानी इमारतों में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। लंबे समय से लंबित इन इमारतों के पुनर्विकास का मार्ग अब जल्द ही प्रशस्त होने वाला है। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा के निरंतर प्रयासों के बाद केंद्र सरकार ने इस संवेदनशील विषय पर सकारात्मक रुख अपनाया है।
कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ‘एलआईसी टेनेंट्स एंड ऑक्युपेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन’ की मांगों का पत्र सौंपा और निवासियों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।
मंत्री लोढा पिछले चार वर्षों से म्हाडा, एलआईसी और केंद्रीय स्तर पर इस मुद्दे को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। मुलाकात के दौरान वित्त मंत्री सीतारमण ने आश्वासन दिया कि अगले तीन महीनों के भीतर इस समस्या का सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा।
दक्षिण मुंबई के विभिन्न इलाकों में एलआईसी और देना बैंक की कई इमारतें लगभग 90 साल पुरानी हो चुकी हैं। इन इमारतों की स्थिति इतनी खराब है कि म्हाडा द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद कुछ किरायेदारों ने डर के कारण घर खाली कर दिए हैं, जबकि कई परिवार आज भी वहां जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (पीएमसी) की नियुक्ति में हो रही देरी के कारण पुनर्विकास की प्रक्रिया अटकी हुई है, जिससे आगामी मानसून को देखते हुए निवासियों में असुरक्षितता की भावना बढ़ गई है।
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टेनेंट्स एसोसिएशन ने अपनी मांगों में पीएमसी की नियुक्ति प्रक्रिया को तत्काल पूरा करने, म्हाडा के मानदंडों के अनुसार वैकल्पिक आवास प्रदान करने और पुनर्विकास के लिए अनुभवी डेवलपर्स के चयन में किरायेदारों की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही है।
साथ ही, खाली की गई इमारतों के किराए को अस्थायी रूप से स्थगित करने की भी मांग की गई है। मंत्री लोढा ने वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया है कि सरकार के इस कदम से जल्द ही एलआईसी और बैंकों के किरायेदारों को न्याय मिलेगा और उनके सुरक्षित आवास का सपना साकार होगा।