कसारा मनमाड तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना (सोर्स: सोशल मीडिया)
Kasara Manmad And Third Fourth Rail Line Project: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से नार्थ एवं ईस्ट इंडिया की रेल यात्रा को तेज बनाने के लिए पुराने रेल मार्गों की एलाइनमेंट बदलने के साथ मल्टीट्रैक व रेल टनल बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। इसके तहत मुंबई के पास ठाणे जिले के कसारा और नासिक जिले के मनमाड़ के बीच 131 किमी लंबी तीसरी चौथी लाइन को कैबिनेट की मंजूरी दी गई है।
इस बहुद्देश्यीय रेल मार्ग पर 24 किमी की लंबी जॉइंट टनल का निर्माण किया जाएगा जो दूसरी सबसे लंबी रेल सुरंग होगी। बताया गया कि देश की सबसे लंबी 27 किमी की रेल टनल का निर्माण भी महाराष्ट्र के जालना सेक्शन में किया जा रहा है।
कसारा-मनमाड मल्टीट्रैक रेल परियोजना के लिए 10,154 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार 131 किमी लंबी इस डबल लाइन सेक्शन पर 28 किमी की 5 रेल सुरंगे बनाई जा रहीं हैं। इनमें सबसे लंबी जॉइंट रेल टनल 24 किमी की होगी। कसारा पूरी तरह घाट सेक्शन होने के कारण यहां ट्रेनों के लिए बंकर लगाए जाते हैं।
कसारा–मनमाड 3rd, 4th लाइन, यह 131 किलोमीटर का प्रोजेक्ट है, जिसमें 10,154 करोड़ रुपये का निवेश होगा। कसारा–मनमाड सेक्शन मूल रूप से मुंबई को उत्तर और पूर्व भारत से जोड़ने वाला सेक्शन है : रेल मंत्री श्री @AshwiniVaishnaw जी#NayiPatriNayiRaftaar #CabinetDecisions pic.twitter.com/SOPHBOFr2H — Ministry of Railways (@RailMinIndia) February 14, 2026
रेल मंत्री ने कहा कि इस पूरे सेक्शन की नई डिजाइन की गई है। नए एलाइनमेंट से होने वाले ट्रैक व टनल के निर्माण की वजह से घाट पर बंकर की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। इस मार्ग पर बनने वाले सभी टनल का डिजाइन भी फाइनल हो गया है। परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना से कसारा मनमाड के बीच की दूरी भी कम होगी।
कल्याण से कसारा के बीच तीसरी व चौथी लाइन का काम चल रहा है। अब कसारा से मनमाड तक मल्टीट्रैक एवं टनल का काम शुरू हो जाएगा। इससे उत्तर एवं पूर्व की रेल यात्रा आसान होने के साथ मालगाड़ियों का यातायात भी सुगम होगा।
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 11 साल में भारतीय रेलवे पर रिकॉर्ड कुल 468 किमी लंबी सुरंग का निर्माण हुआ है, जबकि उसके पहले तक भारत में मात्र 125 किमी रेल सुरंग का निर्माण हुआ था। यूएसबीआरएल प्रोजेक्ट के तहत हिमालयन रिजन में 12.7 किमी लंबी रेल सुरंग बनाई गई। हिमालयन मेथड से अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर बन रहीं जॉइंट टनल की वजह से समय व खर्चे में काफी बचत हो रही है।