Shani Shingnapur violence (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nevasa Shooting Incident: गुरुवार को शनिशिंगणापुर के घोडेगांव में दिनदहाड़े हुई भीषण गोलीबारी की घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और भय का माहौल गहरा गया है। नागरिकों ने प्रमुख स्थानों पर आधुनिक CCTV कैमरे लगाने, अवैध हथियारों के जखीरे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्राइम इन्वेस्टिगेशन टीम को मजबूत करने की मांग की है।
पुरानी रंजिश के चलते गुरुवार शाम हुई फायरिंग में 33 वर्षीय नितिन विलास शिरसाठ की मौत हो गई, जबकि सूरज फूलमाली गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका पुणे के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। यह घटना शाम के व्यस्त समय में घोडेगांव के एक निजी अस्पताल परिसर में हुई।
दो गुट आमने-सामने आने के बाद पहले कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। इसके बाद गांव की बाड़ की ओर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू हो गई। गोली लगने से नितिन शिरसाठ गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। गंभीर रूप से घायल सूरज फूलमाली को पहले अहिल्यानगर के एक अस्पताल में भर्ती किया गया। हालत नाजुक होने पर उन्हें बाद में पुणे रेफर कर दिया गया।
इस दौरान अस्पताल परिसर में दोनों गुटों के समर्थक आमने-सामने आ गए, जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर हालात पर नियंत्रण पाया। मृतक की पत्नी स्वाति नितिन शिरसाठ (निवासी वंजोली, ता. नेवासा, जिला अहिल्यानगर) की शिकायत पर सोनाई पुलिस स्टेशन में गुलाब सादिक फूलमाली, सूरज फूलमाली, आकाश अन्ना फूलमाली, कृष्ण बल्लाप्पा फूलमाली और भरत यल्लप्पा फूलमाली के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जिले में पिछले दो दिनों में यह गोलीबारी की दूसरी घटना है, जिससे नागरिकों में दहशत का माहौल है। कुछ दिन पहले अमलनेर में भी फायरिंग की घटना हुई थी। इसके अलावा, सोनाई-कांगोनी रोड स्थित वडघुले बस्ती में एक युवक की हत्या की घटना भी हाल ही में सामने आई है। इन घटनाओं के कारण घोडेगांव, शनिशिंगणापुर और सोनाई क्षेत्र में भय का वातावरण है।
जिला पुलिस अधीक्षक सोमनाथ घर्गे के मार्गदर्शन में शेवगांव के उपविभागीय पुलिस अधिकारी नीरज राजगुरु, लोकल क्राइम ब्रांच के पुलिस निरीक्षक किरण कुमार कबाड़ी और स्थानीय पुलिस इस फायरिंग की जांच कर रहे हैं। घोडेगांव में बढ़ती गैंगवार की घटनाएं पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि यदि अवैध धंधों और हथियारों पर सख्त कार्रवाई की गई, तो आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
हालिया घटनाओं से संकेत मिल रहा है कि नेवासा तालुका में देशी हथियारों और चाकुओं का प्रचलन बढ़ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि राज्य के बाहर से अवैध हथियारों की तस्करी हो रही है। दो से तीन हजार रुपये में आसानी से उपलब्ध होने वाले देशी चाकू अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं। रेत और चंदन की तस्करी जैसे अवैध धंधों से होने वाली तेज कमाई के कारण कुछ युवाओं में आपराधिक प्रवृत्ति बढ़ रही है और खुलेआम हथियारों के साथ घूमने की घटनाएं सामने आ रही हैं।