धमकी भरे ईमेल से फिर दहला ‘इस्कॉन’, साइबर पुलिस अलर्ट पर
Mumbai News: इस्कॉन को लगातार तीसरी बार धमकी भरा ईमेल मिला है, जिसमें बम ब्लास्ट की चेतावनी दी गई है। बार-बार मिल रही धमकियों से हड़कंप मच गया है।
- Written By: सोनाली चावरे
मुंबई इस्कॉन मंदिर (pic credit; social media)
Maharashtra News: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में धमकी भरे ईमेलों का सिलसिला, थमने का नाम नहीं ले रहा है। दक्षिण मुंबई के गिरगांव स्थित इस्कॉन मंदिर को तीसरी बार धमकी भरा ईमेल मिलने से धार्मिक स्थल की सुरक्षा को साइबर पुलिस के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। यह धमकी भरा ईमेल इस्कॉन मंदिर की प्रबंधन लेकर चिंताएं बढ़ गई है।
इस घटना ने मुंबई समिति के आधिकारिक ईमेल पते पर भेजा गया। ईमेल कथित तौर पर इम्मानुएल सेकरन नाम के एक अकाउंट से आया है। धमकी मिलने के बाद बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस) ने मंदिर परिसर की गहन तलाशी ली। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
गामदेवी पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है और ईमेल के स्रोत व इसके पीछे के इरादों की जांच शुरू कर दी है। तहकीकात पूरी होने तक मंदिर और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
देश की सबसे ऊंची मेट्रो लाइन का काम तेज, पश्चिम व मध्य रेलवे को करेगी क्रॉस, 42 मीटर का स्टील स्पैन हुआ लांच
राष्ट्रीय क्षयरोग नियंत्रण में लगातार दूसरे वर्ष भी राज्य में अव्वल; केंद्र के मानकों पर गोंदिया जिला ‘नंबर वन
अकोला क्षेत्र के गांवों में जलसंकट गहराया; 45°C पार गर्मी में बूंद-बूंद को तरसे ग्रामीण, विशेष निधि की मांग
अकोला में भीषण गर्मी का तांडव: 46.9°C के साथ रिकॉर्ड टूटा; टंकियों में उबलता पानी, सड़कें सूनी
मुंबई में धमकी भरे ईमेलों की बढ़ती घटनाएं साइबर सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। इस्कॉन मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल को बार-बार निशाना बनाए जाने से स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर बढ़ा दबाव
मुंबई पुलिस की साइबर सेल और अन्य साइबर क्राइम इकाइयां इन फर्जी ईमेलों के स्रोत का पता लगाने के लिए, डार्क वेब, वीपीएन और उन्नत तकनीकी निगरानी का सहारा ले रही हैं। अपराधियों द्वारा वीपीएन और डार्क वेब का उपयोग करने से उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल और तकनीकी जटिलताएं साइबर पुलिस के लिए नई चुनौतियां पेश कर रही हैं।
