मुंबई-गोवा हाइवे पर लगा ट्रैफिक जाम (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai-Goa Highway Traffic Update: होली के महापर्व पर अपने गांव जाने की चाह रखने वाले मुंबईकरों के लिए शनिवार का दिन मुश्किल भरा रहा। मुंबई-गोवा राजमार्ग पर मानगांव और इंदापुर के पास भारी ट्रैफिक जाम देखा गया, जहां वाहनों की कतारें लगभग 3 किलोमीटर तक लंबी हो गईं। कोंकण क्षेत्र के निवासी बड़ी संख्या में होली मनाने के लिए अपने पैतृक गांवों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इस प्रमुख मार्ग पर दबाव काफी बढ़ गया है।
यातायात पुलिस और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, त्यौहार की भीड़ के कारण अगले तीन दिनों तक राजमार्ग पर ऐसी ही स्थिति बने रहने की संभावना है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि चिलचिलाती धूप के बीच सैकड़ों वाहन रेंगने को मजबूर हैं और यात्री घंटों से फंसे हुए हैं। प्रशासन यातायात को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वाहनों की भारी संख्या के आगे व्यवस्था बौनी साबित हो रही है।
Raigad, Maharashtra: Traffic congestion on the Mumbai–Goa highway near Maanngaon and Indapur is causing vehicle queues up to 3 km. The jam, due to Mumbai residents traveling to Konkan villages for Holi, is expected to persist for the next three days, with police managing the… pic.twitter.com/uCIyxucj7j — IANS (@ians_india) February 28, 2026
राजमार्ग का इंदापुर-मानगांव खंड लंबे समय से भीषण जाम के लिए कुख्यात रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि हाईवे मानगांव शहर के घने और भीड़भाड़ वाले इलाके से होकर गुजरता है, जहाँ सड़क चौड़ीकरण करना काफी कठिन कार्य है। इस समस्या को स्थायी रूप से हल करने के लिए प्रशासन एक ‘बाईपास’ सड़क का निर्माण कर रहा है। वर्तमान में इस बाईपास का काम चल रहा है और इसके पूरा होने के बाद ही यात्रियों को इस जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल पाएगी।
महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में विधानसभा में सूचित किया कि मुंबई-गोवा हाईवे का बहुप्रतीक्षित चौड़ीकरण कार्य इस साल मई तक पूरा कर लिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री शिवेंद्र राजे भोसले ने बताया कि इंदापुर-मानगांव बाईपास को छोड़कर अधिकांश हिस्सों में चार-लेन का काम पूरा हो जाएगा। आंकड़ों के अनुसार, पनवेल और झाराप के बीच 437.88 किलोमीटर के कुल हिस्से में से 417 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। शेष 18 किलोमीटर का काम अगले महीने तक पूरा होने की उम्मीद है।
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यह मार्ग कोंकण की जीवनरेखा है, लेकिन सुरक्षा एक बड़ी चिंता बनी हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल मार्च से दिसंबर के बीच इंदापुर-कासेडी सुरंग खंड पर 44 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 23 लोगों की मौत हो गई। हालांकि, सरकार का दावा है कि पिछले पांच वर्षों की तुलना में मृत्यु दर में कमी आई है।