रात 11:25 के बाद राम भरोसे नवी मुंबई: वाशी-ठाणे मार्ग पर ट्रेनों की कमी से हजारों मुसाफिरों की बढ़ी मुश्किले
Vashi Thane Local Train Timing: ट्रांसहार्बर लाइन पर यात्रियों की संख्या 4 गुना बढ़ी, लेकिन ट्रेनों की संख्या जस की तस। वाशी-ठाणे मार्ग पर रात 11.25 के बाद लोकल सेवा बंद होने से हजारों यात्री परेशान।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: गोरक्ष पोफली
सांकेतिक फोटो (सोर्स: फाइल फोटो)
Trans-Harbour Line Passenger Growth: मध्य रेलवे के ट्रांसहार्बर लाइन पर तेजी से बढ़ी यात्रियों की संख्या को देखते हुए लोकल फेरियां बढ़ाने की मांग लंबे अर्से से हो रही है। पिछले 10 साल में नवी मुंबई की आबादी करीब 4 गुना बढ़कर 25 लाख हो गयी है, लेकिन पिछले कई वर्षों से पुराने टाइमटेबल के अनुसार ही ट्रेनें रात 11.25 बजे तक ही चल रही हैं। आबादी और रेल यात्री बढ़ने के बावजूद रेलवे ने इस मार्ग पर रात्रि में एक भी ट्रेन नहीं बढ़ाई है। जिसके कारण हजारों यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।
वाशी से ठाणे की अंतिम लोकल रात 11.25 मिनट पर है, इस सेवा को 12 बजे या 12.30 बजे तक बढ़ाने की मांग काफी समय से की जा रही है। यह मुद्दा 20 मई को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार और सांसद प्रवीण खंडेलवाल के साथ व्यापार महासंघ ‘कैट’ के पदाधिकारियों की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया।
कैट के राष्ट्रीय मंत्री शंकर ठक्कर ने बताया कि हमने रेल मंत्री के समक्ष मुंबई की लोकल रेलवे की समस्याएं रखते हुए वाशी (नवी मुंबई) से ठाणे तक रात 12 बजे के बाद भी लोकल ट्रेन चलाने का आग्रह किया, जिस पर रेल मंत्री ने जल्द विचार का आश्वासन दिया। अब देखना यह है कि रेलवे वाशी से रात्रि में सेवा बढ़ाकर लोगों को कब यह सुविधा प्रदान करता है? इसके पहले यात्री संगठनों एवं व्यापारियों ने स्थानीय सांसद नरेश म्हस्के से भी इस समस्या पर ध्यान देने की बात कही थी।
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देर रात ठाणे पहुंचने में होती है कठिनाई
ठाणे से वाशी एवं पनवेल को जोड़ने वाली ट्रांसहार्बर लोकल सेवा भी हिट साबित हुई है। फिर भी यहां ट्रेनों की संख्य़ा नहीं बढ़ाई गयी है। यात्रियों का कहना है कि पिछले कई साल से ट्रांसहार्बर लोकल का टाइमटेबल बदला नहीं है। जबकि यात्रियों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हो गई है। फिलहाल वाशी से ठाणे के लिए अंतिम लोकल रात 11.25 मिनट पर है। उसके बाद कोई ट्रेन नहीं है।
रात में नवी मुंबई से ठाणे, मुलुंड, डोंबिवली, कल्याण, अंबरनाथ, उल्हासनगर, टिटवाला तथा अन्य स्थानों पर जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी अधिक होती है। दैनिक यात्रियों के अलावा ठाणे से छूटने वाली लंबी दूरी की कई एक्सप्रेस एवं मेल ट्रेनों के लिए भी हजारों यात्री नवी मुंबई से ठाणे जाते हैं। अर्ध रात्रि को लोकल सेवा ना होने से उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए अंतिम लोकल ट्रेन कम से कम रात 12 या 12.30 बजे तक चलाए जाने की सख्त जरूरत है।
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नवी मुंबई है बड़ा व्यापारिक- औद्योगिक केंद्र
व्यापार महासंघ ‘कैट’ के राष्ट्रीय मंत्री शंकर ठक्कर ने कहा कि नवी मुंबई में ठाणे-बेलापुर एमआईडीसी, जो एशिया का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में लोग ठाणे, कल्याण और अन्य उपनगरों से काम के लिए आते हैं। यहां एपीएमसी मंडियों में भी व्यापारी एवं उनके कर्मचारी भी हजारों की संख्या में ठाणे, मुलुंड, कल्याण-डोंबिवली तथा अन्य इलाकों से आते हैं। पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में नवी मुंबई में आईटी कंपनियों ने अपने कामकाज शुरू किया है। इनमें काम करने वाले खासकर महिला एवं युवा कर्मचारियों की भी बड़ी संख्या में नवी मुंबई की तरफ आवाजाही है। इन सबकी सुविधा के लिए रेलवे मंत्री को तुरंत देर रात तक लोकल चलाने की मंजूरी देनी चाहिए।
खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के महामंत्री तरूण जैन ने कहा कि वाशी मुख्य व्यापारिक केंद्र होने के साथ नवी मुंबई-ठाणे मार्ग पर कई मल्टीनेशनल आईटी और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां, प्रिंटिंग प्रेस आदि औद्योगिक संस्थान हैं, जहां दिन-रात हजारों की संख्या में लोग काम करते हैं। इसके अलावा लंबी दूरी की कई ट्रेनें देर रात में ठाणे होते हुए उत्तर और दक्षिण भारत की ओर जाती हैं, उन ट्रेनों को समय पर पकड़ने के लिए नवी मुंबई के निवासियों को काफी समय पहले निकलना पड़ता है। लिहाजा यहां रात्रि में ट्रेनों की संख्या बढ़ाने से हजारों यात्रियों को काफी सुविधा होगी और रेलवे की आमदनी भी बढ़ेगी।
