गेटवे ऑफ इंडिया बनेगी जेट्टी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Gateway of India New Jetty: सपनों के शहर मुंबई की पहचान, गेटवे ऑफ इंडिया पर अब पर्यटकों को पहले जैसा भीड़भाड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा। महाराष्ट्र सरकार इस ऐतिहासिक तटीय क्षेत्र के कायाकल्प की तैयारी कर रही है। बुधवार को विधानसभा में बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने घोषणा की कि सरकार गेटवे ऑफ इंडिया पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक आधुनिक जेट्टी (Jetty) और बेहतर यात्री सुविधाएं विकसित करने जा रही है।
विधायक अशोक पाटिल द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए मंत्री नितेश राणे ने बताया कि दक्षिण मुंबई के इस संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर केंद्र सरकार से भी बातचीत चल रही है। विशेष रूप से जेट्टी नंबर-5 से जुड़े अनुमति संबंधी मुद्दों, शुल्क ढांचे और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर केंद्र के साथ समन्वय बिठाया जा रहा है। इस चर्चा में विधायक वरुण सरदेसाई और प्रकाश सुर्वे ने भी महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
वर्तमान में गेटवे क्षेत्र में कुल पांच जेट्टी हैं। इनमें से जेट्टी नंबर 1 से 4 तक का उपयोग आम यात्रियों और पर्यटकों के लिए किया जाता है, जिसका संचालन मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (MbPT) करता है।
जेट्टी नंबर 5 का विकास: इसे मुख्य रूप से निजी और बड़े यॉट्स (Yachts) के लिए आधुनिक रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे अन्य सार्वजनिक जेट्टी पर दबाव कम होगा।
इंटरनेशनल मैरीना: मुंबई को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन और समुद्री केंद्र (Maritime Hub) बनाने के लिए यहां आधुनिक नौकाओं और मैरीना सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
भीड़ प्रबंधन: यात्रियों की भारी आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए नए वेटिंग एरिया और सुरक्षा जांच चौकियां बनाई जाएंगी।
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मंत्री नितेश राणे ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल भीड़ कम करना नहीं, बल्कि मुंबई के समुद्र तट को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रीमियम डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है। आधुनिक नौकाओं के आने से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।