Traffic Challan (सौ. X)
Maharashtra Transport E Challan Controversy: मुंबई में ई-चालान को लेकर राज्य का परिवहन क्षेत्र एक बार फिर टकराव की स्थिति में दिखाई दे रहा है।
बस, ट्रक, टैक्सी और ऑटो-रिक्शा जैसे विभिन्न परिवहन संगठनों ने ई-चलानों में राहत की मांग को लेकर हाल ही में आंदोलन किया था। बाद में महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की मध्यस्थता के बाद यह आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
इसके बाद परिवहन विभाग ने सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें परिवहन वाहनों पर लगाए गए 50 प्रतिशत चालान माफ करने और ‘अभय योजना’ लागू करने की सिफारिश की गई है।
परिवहन संगठनों के अनुसार राज्य भर में वाहनों पर लगाए गए ई-चालानों की कुल राशि 200 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। उनका कहना है कि चालान की संख्या और राशि लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि कई मामलों में बुनियादी सुविधाओं और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। ऐसे में संगठनों ने चालान प्रणाली में सुधार और लंबित चालानों को 100% रद्द करने की मांग उठाई है।
महाराष्ट्र ट्रांसपोर्टर्स एक्शन कमेटी ने आरटीओ द्वारा सरकार को भेजे गए प्रस्ताव का विरोध किया है। उनका कहना है कि यह प्रस्ताव परिवहन संगठनों से चर्चा किए बिना तैयार किया गया है, जबकि मंत्री स्तर पर हुई बैठक में विभाग को पहले ट्रांसपोर्ट यूनियनों से बातचीत कर समाधान निकालने का निर्देश दिया गया था।
सूत्रों के अनुसार सरकार ने इस प्रस्ताव को फिलहाल आरटीओ विभाग को वापस भेज दिया है, ताकि संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद संशोधित प्रस्ताव तैयार किया जा सके। परिवहन आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों ने इस मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार किया है।
हमारी मुख्य मांग है कि बिना इंफ्रास्ट्रक्चर के ई-चालान जारी न किए जाएं, हमसे बिना किसी चर्चा के तैयार किए गए प्लान का भी हम विरोध करते हैं। क्योंकि इसमें हमें उन गलतियों को मानना पड़ेगा, जो हमने नहीं की। जो चालान गलत तरीके से जारी किए गए थे और जब से सरकार ने नवंबर 2021 में ई-चालान लागू किया है। उससे पहले के सभी चालान कैंसिल किए जाएं, क्योंकि वे अप्रूव्ड नहीं है।
– के। वी। शेट्टी, जनरल सेक्रेटरी -मुंबई बस ओनर्स एसोसिएशन और महाराष्ट्र ट्रांसपोर्टर्स एक्शन कमेटी के मेंबर
इस बीच प्रस्तावित ‘अभय योजना’ को लेकर भी परिवहन क्षेत्र में असमंजस बना हुआ है। योजना के तहत यदि किसी वाहन पर लगा चालान एक महीने के भीतर जमा किया जाता है तो जुर्माने की राशि में राहत दी जा सकती है। कई मामलों में चालान लंबे समय तक लंबित रहने से बड़ी बकाया राशि जमा हो जाती है। ऐसे मामलों में यह योजना समय पर भुगतान को प्रोत्साहित करने का प्रयास मानी जा रही है।
ये भी पढ़ें :- नालासोपारा में मनपा की बड़ी कार्रवाई: अचोले क्षेत्र से 1200 किलो प्लास्टिक जब्त, 5 हजार का जुर्माना
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए अभिषेक पाठक की रिपोर्ट