केमिकल से 'ब्राउन शुगर' बनाने वाले मुख्य सरगना की तलाश तेज, शोएब और भावेश की गिरफ्तारी में मिला अहम सुराग

Mumbai Drug Trafficking: यूपी एसटीएफ ने लखनऊ से मुंबई के दो वांटेड ड्रग तस्करों भावेश चौहान और शोएब पठान को गिरफ्तार किया, वो नेपाल भागने की फिराक में थे।सिंडिकेट के सरगना को लेकर अहम सुराग मिला है।
Mumbai Drug Trafficking Shoeb And bhavesh Arrested
Mumbai Drug Trafficking Shoeb And bhavesh Arrested (फोटो क्रेडिट-X)
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UP STF Lucknow, Charbagh Arrest: मुंबई और उपनगरीय क्षेत्रों में मादक पदार्थों के जाल को तोड़ने की दिशा में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने लखनऊ के चारबाग इलाके से दो अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो नेपाल भागने की फिराक में थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भावेश चौहान उर्फ लालू और शोएब अशरफ पठान उर्फ बटला के रूप में हुई है।

ये दोनों आरोपी मीरा-भाईंदर, वसई-विरार (MBVV) पुलिस क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के गंभीर मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे थे।

चारबाग स्टेशन के पास से नाटकीय गिरफ्तारी

महाराष्ट्र पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर यूपी एसटीएफ ने 23 मार्च 2026 की शाम करीब 6 बजे लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के पास टेम्पो स्टैंड पर घेराबंदी की। संयुक्त कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को उस समय दबोच लिया गया जब वे सीमा पार कर नेपाल भागने की योजना बना रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि 5 फरवरी 2026 को वसई-विरार इलाके में ड्रग्स की एक बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद से ही वे गिरफ्तारी के डर से मुंबई छोड़कर फरार हो गए थे।

केमिकल से 'ब्राउन शुगर' बनाने का काला कारोबार

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वे पिछले 4-5 वर्षों से इस काले धंधे में शामिल हैं। ये तस्कर बाजार में मिलने वाले विभिन्न केमिकल्स का उपयोग कर खुद 'ब्राउन शुगर' तैयार करते थे। तैयार किए गए इन मादक पदार्थों की सप्लाई मुंबई के रिहायशी इलाकों के पब, बड़े होटलों और हाई-प्रोफाइल पार्टियों में की जाती थी। भावेश चौहान उर्फ लालू का आपराधिक इतिहास भी काफी पुराना है; उस पर हत्या के प्रयास, दंगा और मारपीट जैसे कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं।

अंतरराज्यीय नेटवर्क और आगे की कार्रवाई

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब नायगांव पुलिस (वसई-विरार) उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। पुलिस को संदेह है कि इस ड्रग सिंडिकेट के तार अन्य राज्यों और अंतरराष्ट्रीय तस्करों से भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल, जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के मुख्य सरगना और उन अन्य साथियों की तलाश में जुटी हैं जो केमिकल्स की आपूर्ति और वितरण के काम में इनकी मदद करते थे।

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