स्वदेशी मिल (सौ. Gemini AI)
Mumbai CSMT Kurla Project: सीएसएमटी और कुर्ला के बीच बाधा बन रहे स्वदेशी मिल में पीएपी स्ट्रक्चर को गिराने की तैयारियां सेंट्रल रेलवे ने शुरू कर दी है। इससे पांचवीं और छठवीं लाइन के काम को रफ्तार मिल सकेगी।
यह काम पूरा होने के बाद मेन लाइन लोकल ट्रेन से यात्रा करने वाले करीब 38 लाख यात्रियों को राहत मिलेगी। इस प्रस्तावित परियोजना की लागत लगभग 8,087.11 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह परियोजना लगभग 17 साल से अटकी हुई है। लेकिन अब इसका रास्ता साफ हो गया है। जमीन खरीदी और परियोजना प्रभावितों को बसाने का पेंच उलझा हुआ था।
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और कुर्ला के बीच पांचवीं और छठी रेलवे लाइन परियोजना प्रस्तावित है। सेंट्रल रेलवे चुनाभट्टी-कुर्ला और धारावी बेल्ट में स्वदेशी मिल में पीएपी स्ट्रक्चर को गिराने की तैयारी कर रहा है। यह स्ट्रक्चर परियोजना में बाधा बना हुआ था। अब पांचवीं और छठवीं लाइन प्रोजेक्ट की आखिरी रुकावट भी दूर हो जाएगी।
तोड़क कार्रवाई के लिए बड़ी मशीनें, मैनपावर और उपकरण लगाने समेत दूसरे इंतजाम आखिरी स्टेज में हैं। साइट पर सुरक्षा के लिए आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस तैनात रहेगी। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने 714 परिवारों के पुनर्वास का काम पूरा कर लिया है।
इस साल जनवरी में राज्य सरकार की कैबिनेट ने एमयूटीपी-2 को वित्तीय मंजूरी दी थी। प्रस्तावित परियोजना की लागत 5,300 करोड़ से बढ़कर 8,087.11 करोड़ रुपये हो गई है। एमएमआरडीए ने 646.95 करोड़ रुपये का अतिरिक्त हिस्सा मंजूर किया है, इससे पहले जुलाई 2025 में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग ने अधिकृत रूप से कहा था कि एमयूटीपी-2 की लागत बढ़कर 8,087 करोड़ रुपये हो जाएगी। इस परियोजना में ट्रैक बढ़ाना, ईएमयू खरीदना, डीसी से एसी में बदलना, स्टेशन सुधार आदि काम किए जाएंगे।
सेंट्रल रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार स्वदेसी मिल में तोड़फोड़ का काम एक महीने में पूरा हो जाएगा। सायन ब्रिज के साथ यह काम भी शुरू हो जाएगा। प्रभादेवी ब्रिज के डिजाइन में पांचवीं और छठवीं रेलवे लाइन के लिए पहले ही प्रबंध कर दिए गए हैं। इससे भविष्य में इस रूट पर कोई रुकावट नहीं आएगी।
इस परियोजना को लगभग 17 साल पहले मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के तहत मंजूरी दी गई थी। इसका उद्देश्य सबसे व्यस्त रूट पर सबअर्बन रेल सर्विस को लंबी दूरी की मेल, एक्सप्रेस और माल ढुलाई की गाड़ियों को अलग करना है। परियोजना पूरी होने के बाद नई पांचवीं और छठवीं लाइन पर केवल मेल, एक्सप्रेस और मालगाड़ियां चलेंगी। मौजूदा दूसरी और चौथी लाइन पूरी तरह से उपनगरीय सेवा के लिए होंगी।
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फिलहाल Mumbai CSMT-Kurla-कल्याण रूट पर सेंट्रल रेलवे की रोजाना लगभग 1,820 लोकल ट्रेनें चलती है। इनमें लगभग 38 लाख यात्री सफर करते हैं। यह मार्ग दुनिया की सबसे व्यस्त रेलवे नेटवर्क माना जाता है।