देश की सबसे धनी मनपा जारी करेगी ग्रीन बॉन्ड्स ! पहले चरण में 950 करोड़ रुपए जुटाएगी बीएमसी, सलाहकार नियुक्ति
BMC Green Bond News: बीएमसी ने पर्यावरण अनुकूल विकास परियोजनाओं के लिए पहली बार ग्रीन बॉन्ड्स जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। बीएमसी पहले चरण में 950 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
BMC Green Bond (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Brihanmumbai Municipal Corporation News: देश की सबसे धनी मुंबई महापालिका ने ग्रीन बॉन्ड्स के जरिए विकासकार्यों के लिए फंड जुटाने का लक्ष्य बनाया है। बीएमसी ने आर्थिक वर्ष 2026-27 के लिए अतरिक्त आय के विकल्प के तौर पर ग्रीन बॉन्ड की घोषणा की है। ग्रीन बॉन्ड्स की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड्स जारी करने हेतु मर्चेंट बैंकर या लीड मैनेजर के चयन के लिए निविदा जारी की गई है। ग्रीन बॉन्ड के लिए क्रेडिट रेटिंग करनी होती है, इसलिए एम. इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड को इसके लिए अपॉइंट किया गया है।
दिसंबर तक बॉन्ड की बिक्री
बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े के अनुसार ग्रीन बॉन्ड बिक्री के लिए दिसंबर तक उपलब्ध होंगे। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट पेश करते समय अमृत 2.0 मिशन के तहत ऐसे ग्रीन बॉन्ड की घोषणा की थी। एक बार में जारी किए जाने वाले 1,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड के लिए 100 करोड़ रुपये के ग्रांट की भी घोषणा की गई थी। इस तरह इस ग्रीन बॉन्ड्स पर बीएमसी को लगभग 100 करोड़ का अनुदान भी केंद्र से मिल सकता है।
इन प्रोजेक्ट्स के लिए ग्रीन बॉन्ड
मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने मुंबई सीवरेज प्रोजेक्ट फेज़ 2 के तहत वर्ली, धारावी, वर्सोवा, भांडुप, घाटकोपर, बांद्रा, मलाड में मॉडर्न सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का फैसला किया है। 200 मिलियन लीटर कैपेसिटी वाला डीसेलिनेशन प्रोजेक्ट, वॉटर टनल, टर्शियरी ट्रीटेड सीवेज ट्रांसपोर्ट करने के लिए वॉटर टनल, गरगई डैम प्रोजेक्ट जैसे कई प्रोजेक्ट हैं। इन एनवायरनमेंट-फ्रेंडली प्रोजेक्ट्स के लिए ग्रीन बॉन्ड के जरिए फंड जुटाया जा सकता है। इनकम के नए सोर्स न बनने की वजह से बीएमसी की इनकम पर असर पड़ा है,जबकि हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं। सूत्रों के मुताबिक, फिक्स्ड डिपॉजिट से इंटरनल लोन लेना पड़ रहा है।
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विपक्ष ने उठाए सवाल
देश ही नहीं बल्कि एशिया की सबसे धनी मनपा में शुमार बीएमसी द्वारा ग्रीन बॉन्ड्स जारी किए जाने पर विपक्ष हमलावर हो गया है। समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने कहा कि मनपा की सत्ता बदलते ही 100 दिनों में बॉन्ड्स के जरिए पैसा जुटाने की स्थिति पैदा हो गई है। रईस शेख ने कहा कि मुंबई मनपा के 133 साल के इतिहास में पहली बार 950 करोड़ की निधि के लिए बांड्स जारी करना पड़ रहा है। यह एक प्रकार से कर्ज है। इसका बोझ मुंबई के नागरिकों पर पड़ने वाला है। आने वाले समय में यह आंकड़ा 10 हजार करोड़ तक पहुंच सकता है। विधायक रईस शेख ने बॉन्ड्स के माध्यम से कर्ज लेने की प्रक्रिया का निर्णय वापस लेने की मांग मेयर रितु तावड़े एव आयुक्त अश्विनी भिड़े से की।
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ग्रीन बॉन्ड की क्या ज़रूरत ?
मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने पिछले कुछ सालों में बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं। इन प्रोजेक्ट्स की लगभग दो लाख 44 हज़ार करोड़ रुपये की लायबिलिटी आने वाले सालों में मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को चुकानी होगी। बीएमसी के पास अभी 80 हज़ार करोड़ रुपये का डिपॉजिट है। हालांकि, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को डिपॉजिट का तीन गुना पेमेंट करना होगा। मनपा को अगले एक-दो साल में अपनी आय बढ़ाने के साधनों को खोजना होगा। इसलिए, मुंबई मनपा ने पहली बार ग्रीन बॉन्ड के जरिए फंड जुटाने का निर्णय लिया है।
