प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Mumbai Coastal Road Green Project: मुंबई में घटते वृक्ष और बढ़ते प्रदूषण के बीच एक बार फिर कोस्टल रोड ओपन स्पेस को हरा-भरा बनाने के लिए चर्चाएं तेज हो गई हैं। कोस्टल रोड की लगभग 70 हेक्टेयर खुली जमीन को हरित आवरण के एक लंबे विस्तार में बदला जाने वाला है। इसमें विभिन्न नागरिक सुविधाएं होंगी, ताकि मुंबई में लगातार घटते हरित क्षेत्र की भरपाई की जा सके।
रविवार सुबह बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी ने दक्षिण मुंबई रेजिडेंट्स एसोसिएशन (SMRA) की तरफ से आयोजित नागरिक संवाद कार्यक्रम में कोस्टल रोड की खुली जगह के लिए प्रस्तावित डिजाइन प्रस्तुत किया। इस संवाद में शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा भी मौजूद थे।
10.58 किलोमीटर लंबी कोस्टल रोड को मार्च 2024 में आम जनता के लिए खोला गया था। इसमे केवल 40 हेक्टेयर में सड़कें, यातायात इंटरचेंज और पुल शामिल हैं, जबकि शेष 70 हेक्टेयर बंजर भूमि है, जिसे बगीचों और खुले सार्वजनिक स्थलों जैसी विभिन्न नागरिक सुविधाओं के रूप में विकसित किया जाना है। हालांकि, सड़क के उद्घाटन के बाद से ये भूमि खंड अब तक उपयोग में नहीं आए है और खुली जगहों को अभी तक उपयोगी सुविधाओं में परिवर्तित नहीं किया गया है।
बीएमसी ने पिछले साल अगस्त में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (RIL) को इस खुले क्षेत्र के लैंडस्केपिग और रखरखाव का कार्य सौंपा था। यह कंपनी अपने कॉपरिट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च करेगी और यह समझौता 30 वर्षों के लिए होगा।
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, बीएमसी भुलाभाई देसाई रोड एग्जिट के पास उपलब्ध स्थान से सटा हुआ एक बर्ड ट्रेल विकसित करने जा रही है। यह ट्रेल सड़क के दोनों ओर फैला एक हरा-भरा क्षेत्र होगा, जिसमें देशी पेड़ लगाए जाएंगे, जो घोंसले बनाने के मौसम में पक्षियों को आकर्षित करते हैं। कोस्टल रोड के अमरसन्स गार्डन इंटरचेंज के पास बीएमसी एक एम्फीथिएटर के साथ-साथ मुख्य रूप से ताड़ के पेड़ों से युक्त एक नेचर ट्रेल बनाने की योजना बना रही है।
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इसके अलावा, मियावाकी पद्धति से पेड़ लगाकर माइक्रो फॉरेस्ट के हिस्से विकसित किए जाएंगे। वहीं, हाजी अली क्षेत्र में जहां कोस्टल रोड का सबसे बड़ा वाहन इंटरचेंज है, वहां बीएमसी द्वारा एक पिकलबॉल कोर्ट बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बीएमसी वर्ली स्थित एक बंद पड़े जेट्टी को स्थायी हेलिपैड में बदलने की भी तैयारी कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि डिजाइन टेम्पलेट का अंतिम मसौदा बीएमसी की एक समिति को सौंप दिया गया है, जिसकी अध्यक्षता उप नगर आयुक्त (गार्डन) कर रहे हैं।