महाराष्ट्र में 60 मॉडल रजिस्ट्री ऑफिस खोलेगी VFS Global, लेकिन वीजा विवादों से घिरी कंपनी पर उठे सवाल
Maharashtra Model Sub Registrar Offices: प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए 60 मॉडल सब-रजिस्ट्रार कार्यालय शुरू किए जाएंगे। वीएफएस ग्लोबल को यह परियोजना सौंपी गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Model Sub Registrar Offices News: सरकारों और नागरिकों के लिए ग्लोबल टेक्नोलॉजी सर्विस देने वाली कंपनी वीएफएस ग्लोबल ने डब्ल्यूई एक्सेल सॉफ्टवेयर के साथ मिलकर रजिस्ट्रेशन इंस्पेक्टर जनरल (आईजीआर) और स्टैम्प कंट्रोलर से 5 साल का अनुबंध प्राप्त है।
इसके तहत पूरे राज्य में 60 मॉडल सब-रजिस्ट्रार ऑफिस (एसआरओ) अलग-अलग चरणों में शुरू किए जाएंगे। इनका मकसद प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाना और उसे डिजिटल तरीके से बदलकर एक तेज, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित सिस्टम बनाना है।
वीएफएस ग्लोबल ने बताया कि यह ग्रुप पूरे महाराष्ट्र में मॉडल एसआरए को शुरू से आखिर तक सेट अप करेगा। इसके लिए वे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेंड सर्विस देने वाली टीमों को तैनात करेंगे, ताकि प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन सेवाओं को आधुनिक बनाया जा सके।
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होंगे आधुनिक सुविधाओं से लैस
इन सेंटर्स को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि यहां काम तेजी से हो और नागरिकों को तुरंत असरदार सेवा मिले। इन सेंटर्स में आधुनिक सुविधाएं होंगी और इन्हें एक खास एजेंसी और आईजीआर विभाग मिलकर चलाएंगे।
हर सेंटर में वाई-फाई कनेक्टिविटी वाला वेटिंग लाउंज होगा, काम को बिना किसी रुकावट के पूरा करने के लिए डिजिटल सिस्टम होंगे और नागरिकों की मदद के लिए ट्रेंड सर्विस देने वाले एग्जीक्यूटिव होंगे।
महाराष्ट्र सरकार के आईजीआर रविंद्र बिनवाडे ने कहा, ‘मॉडल ऑफिस का आइडिया एक रणनीतिक पहल है। इसे मौजूदा प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन सिस्टम में आने वाली लगातार रुकावटों को दूर करने के लिए बनाया गया है। सालों से नागरिकों को लंबी कतारों, एसआरए में बहुत ज्यादा भीड़ और अच्छी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। इन चुनौतियों से निपटने के लिए विभाग एक समाधान आजमा रहा है।’
वीजा विवादों में घिरी है कंपनी
दीजा कंपनी वीएफएस ग्लोबल के कामकाज पर कई सवाल उठे हैं। पडताल में सामने आया है कि लोगों की वीजा प्रक्रिया के दौरान डेटा सुरक्षा से लेकर अतिरिक्त शुल्क वसूलने तक कई गंभीर खुलासे हुए हैं। असल में अक्टूबर 2023 में यूरोपीय यूनियन (ईयू) का 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भारत यात्रा पर आया था।
इस प्रतिनिधिमंडल ने वीएफएस ग्लोबल के भारत में कामकाज को लेकर कई कमियों को उजागर किया स्लोवाकिया जैसे देशों ने वीएफएस ग्लोबल से परेशान होकर दूसरे सर्विस प्रोवाइडर के पास जाने का फैसला तक ले लिया था। लिथुआनिया और पोलैंड जैसे देशों ने तो आरोप लगाया कि वीएफएस स्टाफ अपॉइंटमेंट स्लॉट बेच रहा था।
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पोलैंड के मुताबिक, उसे लगभग हर दिन ऐसी शिकायतें मिलती थी। स्वीडन ने बताया कि उसने वीएफएस के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी। आरोप था कि लोगों को अतिरिक्त भुगतान वाली सेवाएं लेने के लिए मजबूर किया जा रहा था। इसके बाद ही स्वीडन ने वीजा कंपनी को निर्देश दिया था कि अतिरिक्त सेवाओं के लिए ग्राहकों से पहले हस्ताक्षर वाला सहमति पत्र लिया जाए।
