मुंबई में CNG संकट! पाइपलाइन टूटने से ठाणे-नवी मुंबई तक टेंशन, ऑटो-टैक्सियों की लगी लंबी कतारें
Mumbai CNG Pipeline Damage: मुंबई में गैल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से सीएनजी सप्लाई बाधित हुई। कई स्टेशन बंद या सीमित चले, जिससे ऑटो-टैक्सी चालकों को लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ा।
- Written By: आकाश मसने
CNG भरवाते ऑटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai CNG Crisis: मुंबई में सोमवार को सीएनजी भरवाने के लिए वाहन चालकों को लंबी कतारों का सामना करना पड़ा। मुख्य गैस पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने से आपूर्ति बाधित हुई, जिससे हजारों ऑटोरिक्शा, टैक्सी और अन्य सीएनजी पर चलने वाले वाहनों को दिक्कत हुई।
महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने रविवार रात को एक बयान जारी किया था। बयान के अनुसार, गैस आपूर्ति में यह बाधा गैल (GAIL) की मुख्य गैस आपूर्ति पाइपलाइन को हुए ‘थर्ड-पार्टी नुकसान’ के कारण हुई। यह महत्वपूर्ण पाइपलाइन राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (आरसीएफ) परिसर में स्थित है।
इस नुकसान के परिणामस्वरूप, वडाला स्थित सिटी गेट स्टेशन (CGS) तक गैस प्रवाह बुरी तरह से प्रभावित हुआ। यह समझना महत्वपूर्ण है कि सिटी गेट स्टेशन (सीजीएस) मुंबई के लिए गैस सप्लाई का एक अहम प्रवेश बिंदु है।
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प्रभावित क्षेत्र और संचालन की स्थिति
गैस प्रवाह प्रभावित होने के कारण पूरे नेटवर्क भर में दबाव कम हो गया। इस वजह से मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के कई सीएनजी स्टेशन सीमित क्षमता पर ही संचालित हो पाए। इसके अलावा, कुछ स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद भी रखना पड़ा। आपूर्ति में आई इस कमी के चलते ही सोमवार को सीएनजी भरवाने वालों की लंबी कतारें देखी गईं, जिससे बड़ी संख्या में वाहन चालकों को मशक्कत करनी पड़ी।
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परिवहन सेवा पर असर
मुंबई शहर में ऑटोरिक्शा और टैक्सियों की संख्या बहुत अधिक है। इनमें ओला (Ola) और ऊबर (Uber) जैसे एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स के वाहन भी शामिल हैं। ये सभी वाहन सीएनजी पर ही निर्भर हैं। आपूर्ति बाधित होने के कारण हजारों ऑटोरिक्शा, टैक्सी और अन्य सीएनजी पर चलने वाले वाहनों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
साथ ही, कुछ सार्वजनिक परिवहन उपक्रमों की बसें भी हैं, जो अपनी ऊर्जा आपूर्ति के लिए महानगर गैस लिमिटेड (MGL) की तरफ से मुहैया कराई जाने वाली सीएनजी पर निर्भर करती हैं। इस प्रकार, पाइपलाइन में हुए नुकसान ने सार्वजनिक और निजी, दोनों तरह के परिवहन को सीधे तौर पर प्रभावित किया है।
