Mumbai High Court News: बॉम्बे हाई कोर्ट ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को मुंबई में सभी स्ट्रीट वेंडरों का व्यापक सत्यापन करने और अवैध रूप से ठेले लगाकर काम कर रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ निर्वासन (डिपोर्टेशन) प्रक्रिया भी तत्काल शुरू की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खाता की पीठ द्वारा विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई के बाद जारी किया गया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि शहर की सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर अनाधिकृत फेरीवालों के कारण पैदल यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। साथ ही, इससे लाइसेंसधारी विक्रेताओं की आजीविका पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
पीठ ने निर्देश दिया कि अवैध रूप से काम कर रहे व्यक्तियों, विशेषकर बांग्लादेश से जुड़े मामलों में, कार्रवाई और निर्वासन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि यदि आदेशों के पालन में लापरवाही या देरी पाई गई, तो संबंधित बीएमसी अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
इसके साथ ही, अदालत ने फेरीवाला संगठनों की उस मांग को भी खारिज कर दिया, जिसमें स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के क्रियान्वयन पर दो सप्ताह की अंतरिम रोक लगाने की अपील की गई थी।
अदालत ने पाया कि पूर्व में जारी निर्देशों और कानूनी कार्यवाहियों के बावजूद कानून का प्रभावी पालन नहीं हो रहा है, जिसे अब तत्काल सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है।