Mumbai BMC Fake Birth Certificates: बीएमसी में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, अवैध प्रमाणपत्र पर मेयर सख्त
Mumbai BMC Fake Birth Certificates News: मुंबई में हजारों फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी होने का बड़ा घोटाला सामने आया है। मेयर ने सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए SIT जांच के आदेश दिए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई फेक बर्थ सर्टिफिकेट स्कैम (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai BMC Fake Birth Certificate Scam: बीएमसी से अवैध रूप से जारी किए गए हजारों जन्म और जाति प्रमाणपत्रों के मामले में महापौर रितु तावड़े ने सख्त रुख अपनाया है।
“फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर मुंबई में अवैध रूप से घुसपैठ करने वालों और उन्हें सहयोग देने वाले मनपा अधिकारियों पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।” ऐसे कड़े निर्देश महापौर ने प्रशासन को दिए हैं।
भाजपा नेता किरीट सोमैया की तरफ से उजागर किए गए इस घोटाले का दायरा बड़ा है और अब इसकी गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
पुरंदर एयरपोर्ट परियोजना को रफ्तार, किसानों को मिलेगा 1.61 करोड़ प्रति एकड़ मुआवजा
Thane Water Supply Cut: ठाणे में 24 घंटे पानी सप्लाई बंद, कलवा-मुंब्रा-दिवा में बढ़ेगी किल्लत
Maharashtra Police Exam: महाराष्ट्र पुलिस भर्ती पर सवाल, ‘कॉपी-पेस्ट’ पेपर से पारदर्शिता पर उठे गंभीर आरोप
Maharashtra Water Crisis: अल-नीनो का असर! कम बारिश के संकेत, पेयजल को प्राथमिकता देने के निर्देश
26 वार्डों से 87,347 अवैध जन्म प्रमाण पत्र किए जारी
- बता दें कि पिछले तीन वर्षों से पूर्व सांसद किरीट सोमैया इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं। मनपा के 26 वार्डों से कुल 87,347 अवैध जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने की चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इस घोटाले में बांग्लादेशी घुसपैठियों की संलिप्तता की आशंका भी जताई गई है।
- विशेष रूप से ई-वॉर्ड, एल-वॉर्ड, भायखला, गोवंडी और देवनार क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ये प्रमाण पत्र वितरित किए गए हैं। इस गंभीर मामले को देखते हुए महापौर ने स्वास्थ्य विभाग के पुराने अधिकारियों का तबादला कर नए अधिकारियों की नियुक्ति की है।
- अब तक इस मामले में 119 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और मनपा के पोर्टल से फर्जी नाम तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला अधिकारियों द्वारा निर्देशों का पालन न करने के कारण ही मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। महापौर ने स्पष्ट किया कि दोषी अधिकारियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
- किरीट सोमैया ने मनपा अधिकारियों के साथ बैठक की। सोमैया ने चेतावनी दी कि यह केवल प्रशासनिक घोटाला नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
- 87 हजार फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर घुसपैठियों को वैध बनाने की साजिश को हम बेनकाब करेंगे। जल्द ही 5 हजार करोड़ रुपये के बिल्डिंग प्रस्ताव घोटाले का भी खुलासा करेंगे, उन्होंने मुंबई की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मनपा से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
फरवरी में दो अधिकारियों पर दर्ज हुआ केस
सोमैया ने कहा, “हाल के महीनों में लगातार फॉलोअप के बावजूद नागरिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुराने सिस्टम के जरिए प्रमाणपत्र जारी करना जारी रखा और घोटाले को छिपाने का प्रयास किया। बता दें कि फरवरी में मुंबई पुलिस ने बीएमसी के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के दो पूर्व अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिन्होंने आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किए बिना जन्म प्रमाण पत्रों को मंजूरी दी थी। इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
ये भी पढ़ें :- पुरंदर एयरपोर्ट परियोजना को रफ्तार, किसानों को मिलेगा 1.61 करोड़ प्रति एकड़ मुआवजा
फर्जीवाड़े की खास बातें
- जाली दस्तावेजों की सहायता से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र की जांच के लिए एसआईटी का गठन
- मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठन का आदेश दिया
- पुलिस की अपराध शाखा ने जांच शुरू की
- एसआईटी का नेतृत्व संयुक्त्त पुलिस आयुक्त (अपराध) करेंगे
- इसमे अपराध शाखा, विशेष शाखा और जांच इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल
- भाजपा नेता किरीट सोमैया का आरोप, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों और रोहिंग्याओं को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे थे।
- 2024 से 2026 के बीच कथित तौर पर 87,000 से अधिक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए।
