चुनावी प्रचार बना कमाई का जरिया! मुंबई आरटीओ को 4.68 लाख का राजस्व मिला
BMC Election: मुंबई मनपा चुनाव प्रचार के लिए आरटीओ ने 244 वाहनों को अनुमति दी, जिससे 4.68 लाख रुपये का राजस्व मिला। ऑटो, टैक्सी और एलईडी वाहनों से प्रचार किया गया।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Mumbai Election RTO Permission News: मुंबई मनपा चुनाव में इस बार चुनाव प्रचार के तरीकों में बदलाव देखने को मिला है। प्रचार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को लेकर आरटीओ की भूमिका अहम रही, जहां 244 वाहनों को अनुमति देकर लाखों रुपये का राजस्व अर्जित किया गया।
मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव के दौरान चुनाव प्रचार के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होता है। इसी प्रक्रिया के तहत इस चुनावी अवधि में विभिन्न राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के कुल 244 प्रचार वाहनों को अनुमति दी गई।
4.68 लाख रुपए का हुआ राजस्व
आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, इन अनुमतियों के माध्यम से परिवहन विभाग को कुल 4,68,500 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। निर्धारित शुल्क के आधार पर ऑटो-रिक्शा और चार-पहिया वाहनों को अनुमति दी गई, जिससे सरकारी खजाने में यह राशि जमा हुई।
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विशेष कक्षों के जरिए मिली त्वरित मंजूरी
चुनावी समय में बढ़ती मांग को देखते हुए मुंबई के विभिन्न आरटीओ कार्यालयों में विशेष कक्ष (स्पेशल सेल) स्थापित किए गए थे। इन्हीं कक्षों के माध्यम से प्रचार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के आवेदनों की जांच कर समयबद्ध तरीके से अनुमति प्रदान की गई।
किस तरह के वाहनों को मिली इजाजत
अनुमति प्राप्त वाहनों में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और अन्य चार-पहिया वाहन शामिल रहे। इन वाहनों का उपयोग विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा जनसंपर्क, रैलियों और प्रचार अभियानों के लिए किया गया।
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प्रचार के तरीकों में दिखा बदलाव
इस बार चुनाव प्रचार के तौर-तरीकों में भी बदलाव देखने को मिला। कई उम्मीदवारों ने एलईडी स्क्रीन से लैस आधुनिक वाहनों का उपयोग किया, जिन पर वीडियो और डिजिटल कंटेंट के जरिए प्रचार किया गया। वहीं, लाउडस्पीकर लगे ऑटो-रिक्शा और चार-पहिया वाहनों के जरिए पारंपरिक प्रचार भी जारी रहा।
- वाहन श्रेणी के अनुसार तय था शुल्क
- परिवहन विभाग द्वारा वाहन श्रेणी के अनुसार शुल्क निर्धारित किया गया था।
- ऑटो-रिक्शा: ₹500 प्रति वाहन
- चार-पहिया वाहन: ₹2,000 प्रति वाहन
- ताड़देव RTO रहा सबसे आगे
आरटीओ कार्यालयों के अनुसार राजस्व के मामले में ताड़देव कार्यालय सबसे आगे रहा, जहां सबसे अधिक प्रचार वाहनों को अनुमति दी गई। इसके बाद वडाला और बोरीवली आरटीओ कार्यालयों का स्थान रहा।
