
बीएमसी (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: मुंबई में 9 साल बाद बीएमसी के चुनाव हो रहे हैं। कई साल बाद मुंबईकरों को अपना कॉर्पोरेटर चुनने का मौका मिलेगा। साल 2017 के म्युनिसिपल इलेक्शन में 55।28 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।
ऐसे में लोगों में जिज्ञासा है कि क्या यह आंकड़ा इस बार 60 प्रतिशत को पार कर पाएगा? जानकारों का कहना है कि ख़ास कर युवा वोटरों के उत्साह को देखते हुए इस बार वोटिंग प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। मुंबई में बीएमसी चुनाव के कुल 227 वार्ड के लिए 1700 उम्मीदवार मैदान में हैं।
ऐसे अनुभव है कि अगर वोटिंग शुक्रवार या शनिवार को होती है, तो वोटर्स लंबे वीकेंड का फायदा उठाकर वेकेशन पर चले जाते हैं। इसलिए, इस साल वोटिंग हफ्ते के बीच में, यानी गुरुवार को रखी गई है। युनिसिपल इलेक्शन कई सालों बाद हो रहे हैं। यह भी वोटरों के उत्साह की एक बड़ी वजह है।
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बीएमसी इलेक्शन आमतौर से पानी, बिजली, सड़क और साफ सफाई जैसे बुनियादी मुद्दों पर लड़ा जाता है। लेकिन इस बार के कैंपेन में मराठी, हिंदू-मुस्लिम, ठाकरे ब्रांड जैसे मुद्दे ज्यादा पॉपुलर रहे। इसलिए, इस बात की संभावना है कि सत्ताधारी दलों के अलावा विरोधी दलों के समर्थक ज्यादा संख्या में वोट करेंगे। आमतौर से अगर वोटिंग परसेंटेज बढ़ता है, तो यह रूलिंग पार्टी के लिए एक विनिंग साइन माना जाता है। लेकिन पिछले कई सालों से म्युनिसिपल कॉर्पोरशन में कोई भी पार्टी सीधे तौर पर पावर में नहीं रही है।






