मीठी नदी (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai BMC Desilting Target: बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने प्री-मानसून डी-सिल्टिंग (गाद हटाने) के अपने लक्ष्य में 40 प्रतिशत की कटौती करते हुए इसे 12.03 लाख मीट्रिक टन से घटाकर 8.47 लाख मीट्रिक टन कर दिया है।
अतिरिक्त मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर ने बताया कि पहले कुल गाद में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा तैरते कचरे, प्लास्टिक और मलबे का होता था। अब इस हिस्से को हटाकर केवल वास्तविक गाद के आधार पर ठेकेदारों को भुगतान किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
इस वर्ष BMC 8.41 लाख मीट्रिक टन गाद हटाने की योजना पर काम कर रही है। इसमें 3.67 लाख मीट्रिक टन छोटी नालियों से, 3.41 लाख मीट्रिक टन बड़ी नालियों से और 1.32 लाख मीट्रिक टन मीठी नदी से हटाई जाएगी।
मुंबई में नालों का एक बड़ा नेटवर्क है, जिसमें 261.52 किलोमीटर लंबी बड़ी नालियां और 411.56 किलोमीटर लंबी छोटी नालियां शामिल हैं। कुल मिलाकर शहर का ड्रेनेज नेटवर्क लगभग 3,800 किलोमीटर लंबा है, जिसे मानसून से पहले साफ करना जरूरी होता है।
BMC इस बार जल निकासी में बाधा बनने वाले चोक पॉइंट्स को हटाने पर विशेष ध्यान दे रही है। साकी नाका और कुर्ला जैसे इलाकों में कई ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां नाले ढके होने के कारण सफाई में दिक्कत आती है।
इस बीच भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार गाद निकालने के नाम पर वसूली कर रहे हैं। इस पर बीएमसी ने मामले को जांच के लिए भेज दिया है और कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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मीठी नदी के 18 किलोमीटर लंबे हिस्से को तीन भागों में बांटा गया है, जिसमें वकोला, कालिना, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और धारावी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी हिस्सों में डी-सिल्टिंग कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि मानसून में जलभराव की समस्या कम हो सके।