BMC पर फंड डायवर्जन का आरोप, मीठी नदी के ₹90 करोड़ के फ्लाईओवर परियोजना में ट्रांसफर

Mumbai Flyover Project Funding Controversy: बीएमसी द्वारा मीठी नदी सुधार परियोजना के ₹90 करोड़ को फ्लायओवर विस्तार में स्थानांतरित करने पर विवाद गहरा गया है।
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मीठी नदी फाइल फोटो (सौ. सोशल मीडिया )
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BMC Fund Diversion Mithi River: बीएमसी की तरफ से लिए गए एक वित्तीय फैसले को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बीएमसी ने मीठी नदी सुधार परियोजना के लिए निर्धारित ₹90 करोड़ की राशि को घाटकोपर-मानखुर्द लिंक रोड फ्लायओवर विस्तार परियोजना में स्थानांतरित कर दिया है।

इस कदम पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताते हुए ऑडिट की मांग की है। वित्त वर्ष 2025-26 में मीठी नदी और अन्य जल निकायों के सुधार के लिए लगभग ₹150 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था। हालांकि, अब तक इसमें मात्र 10 करोड़ ही खर्च किए गए हैं।

शेष राशि में से 90 करोड़ को फ्लाईओवर विस्तार के लिए ट्रांसफर करने का प्रस्ताव पास किया गया है। यह परियोजना सायन-पनवेल हाईवे की दिशा में यातायात सुगम बनाने के उद्देश्य से विकसित की जा रही है।

घाटकोपर-मानखुर्द लिंक रोड परियोजना

बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि मीठी नदी परियोजना में कुछ धनराशि उपयोग में नहीं लाई जा सकी थी और ठेकेदारों के भुगतान पहले ही किए जा चुके थे। वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले फंड के उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया, ताकि राशि लैप्स न हो।

वहीं, विपक्षी दलों ने इस फैसले को "वित्तीय कुप्रबंधन" करार दिया है। कांग्रेस सहित अन्य नेताओं ने पिछले तीन वर्षों में हुए फंड ट्रांसफर की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार इस तरह फंड डायवर्जन से बीएमसी की प्राथमिकताओं पर सवाल उठते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मीठी नदी परियोजना मुंबई के बाढ़ प्रबंधन और जल निकासी व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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