‘पैसों से नहीं प्यार से जीती जाती है जनता’; सुप्रिया सुले के हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप पर सीएम फडणवीस का पलटवार
Devendra Fadnavis Reply Supriya Sule Horse Trading Allegation: सुप्रिया सुले के हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप पर सीएम फडणवीस का पलटवार, बोले- जनता पैसों से नहीं प्यार से जीती जाती है।
- Written By: अनिल सिंह
सुप्रिया सुले के हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप पर फडणवीस ने किया पलटवार (फोटो क्रेडिट-X)
Devendra Fadnavis Supriya Sule: महाराष्ट्र के आगामी विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। लेकिन नामांकन वापसी के अंतिम दौर में महाविकास अघाड़ी के कुछ प्रमुख उम्मीदवारों के पीछे हटने से विपक्ष के भीतर भारी हताशा और गुस्सा देखा जा रहा है। इसी मुद्दे पर सांसद सुप्रिया सुले ने सत्ता पक्ष को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया था कि हाल के दिनों में हुए सभी चुनावों में विधायकों और उम्मीदवारों की सरेआम खरीद-फरोख्त की जा रही है, जो पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था को दूषित कर रही है।
सुले ने इस अनैतिक प्रक्रिया पर स्थायी रोक लगाने के लिए संसद के आगामी सत्र में एक निजी विधेयक पेश करने की बात कही थी, जिस पर अब मुख्यमंत्री की आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुप्रिया सुले के विधायी बदलाव वाले विचार का स्वागत तो किया, लेकिन उनके राजनीतिक आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
चुनाव प्रक्रिया में बदलाव का स्वागत, पर नीयत साफ होनी चाहिए
सुप्रिया सुले द्वारा लोकसभा में विधेयक लाने के बयान पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “अगर कोई चुनावी शुचिता को बनाए रखने के लिए इस संबंध में कोई नया विधेयक संसद में पेश करता है, तो मुझे व्यक्तिगत रूप से इस पर कोई आपत्ति नहीं है। मेरा भी यह स्पष्ट मानना है कि समय के साथ देश की चुनाव प्रक्रिया में आवश्यक बदलाव होने चाहिए।” हालांकि, उन्होंने तंज कसते हुए आगे जोड़ा कि यदि विपक्षी नेता इस बुनियादी सत्य को स्वीकार कर लें कि जनता का दिल सिर्फ और सिर्फ प्रेम से जीता जा सकता है, तो ऐसे किसी भी दंडात्मक कानून या विधेयक को लाने की कोई आवश्यकता ही नहीं बचेगी।
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बाल माने की घर वापसी पर रवींद्र चव्हाण का फैसला होगा अंतिम
इस प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कोंकण क्षेत्र के सबसे चर्चित घटनाक्रम यानी ठाकरे समूह के उम्मीदवार बाल माने द्वारा अंतिम समय पर अपना नाम वापस लेने पर भी खुलकर बात की। फडणवीस ने सस्पेंस खत्म करते हुए साफ किया कि बाल माने मूल रूप से भाजपा के ही पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ता रहे हैं और वे जल्द ही औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने संगठनात्मक अनुशासन का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा में मुख्यमंत्री फैसले नहीं लेते, बल्कि प्रदेश अध्यक्ष का निर्णय ही अंतिम होता है। इस मामले में भी क्षेत्र के वरिष्ठ नेता रवींद्र चव्हाण जो भी फैसला लेंगे, उसे पूरी तरह स्वीकार किया जाएगा।
‘मैं सभ्य हूँ, इसलिए चुप हूँ, मुझे बोलने पर मजबूर न करे भाजपा’
दूसरी तरफ, महायुति के नेताओं द्वारा महाविकास अघाड़ी को ‘पीछे हटती हुई अघाड़ी’ कहकर चिढ़ाए जाने और उसका अपमान करने पर सुप्रिया सुले का गुस्सा भी फूट पड़ा है। सुप्रिया सुले ने कड़े लहजे में सत्ताधारी दल को सचेत करते हुए कहा, “भाजपा नेता मुझे बोलने के लिए बिल्कुल भी मजबूर न करें। मैं एक सुसंस्कृत और सभ्य परिवार से हूँ, मेरा स्वभाव कीचड़ उछालने का नहीं है, इसलिए मैं चुप हूँ।” उन्होंने विपक्षी उम्मीदवारों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि किसी को भी सरकारी जांच एजेंसियों से डरने की रत्ती भर भी जरूरत नहीं है और महाविकास अघाड़ी आगामी लोकसभा और विधानसभा दोनों ही चुनाव पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ लड़ेगी।
