मुंबई: बिना जमीन बेचे होगा BEST डिपो का कायाकल्प, CM फडणवीस ने दिए ‘मुंबई 2047’ मास्टर प्लान बनाने के निर्देश
Mumbai BEST Depot: सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बेस्ट की जमीनों को बेचे बिना पीपीपी मॉडल पर 22 डिपो के आधुनिकीकरण और मुंबई के ऑक्ट्रॉय नाकों को ट्रांसपोर्ट हब बनाने के निर्देश दिए हैं।
- Written By: रूपम सिंह
CM फडणवीस मास्टर प्लान (सोर्स: एक्स)
Mumbai BEST Depot Redevelopment Devendra Fadnavis Master Plan: मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली बेस्ट के मेकओवर की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बेस्ट की एक भी जमीन बेचे बिना पीपीपी मॉडल के तहत शहर भर के बस डिपो का पुनर्विकास किया जाएगा। जमीन और संपत्तियों का स्वामित्व बेस्ट के पास ही रहेगा और दीर्घकालिक लीज मॉडल के माध्यम से परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा।
इसके अलावा आधुनिक नई बसों को बेड़े में शामिल करने, कर्मचारियों के लिए आवास, स्मार्ट ईवी चार्जिंग, पार्किंग, सांस्कृतिक और सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण करने की तैयारी है। इन प्रमुख पहलुओं को केंद्र में रखते हुए बेस्ट का मास्टर प्लान सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। यह निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बेस्ट की संपत्तियों का स्वामित्व पूरी तरह संस्था के पास ही बना रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखते हुए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। मुख्यमंत्री के वर्षा निवास पर बेस्ट उपक्रम के विभिन्न बस डिपो के आधुनिकीकरण संबंधी आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस बोल रहे थे। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्य मंत्री एड. आशीष शेलार, कौशल, रोजगार, उद्यमिता व नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, मुंबई मनपा की महापौर रितु तावड़े, उपमहापौर संजय घाडी, बेस्ट समिति की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव, स्थायी समिति अध्यक्ष
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प्रभाकर शिंदे, विधायक अमित साटम (वीसी के माध्यम से), नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव असीम गुप्ता, ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला, नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. के.एच. गोविंदराज, मनपा आयुक्त अश्विनी भिडे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव लोकेश चंद्र, प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी, प्रधान सचिव नवीन सोना, बेस्ट की महाप्रबंधक डॉ. सोनिया सेठी, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की सचिव जयश्री भोज, धारावी पुनर्विकास परियोजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. महेंद्र कल्याणकर तथा मुख्यमंत्री के निवेश सलाहकार कौस्तुभधवसे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
2 चरणों में किया जाएगा डिपो परिसरों का विकास
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि बेस्ट का संचालन केवल एक संस्था की नहीं, बल्कि मुंबई शहर, मनपा और राज्य सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसलिए बेस्ट के भविष्य से संबंधित सभी सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं के बीच संवाद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विभिन्न विभागों और संस्थाओं को एक साथ लाकर व्यापक चर्चा की गई। बेस्ट के डिपो परिसरों का विकास दो चरणों में किया जाएगा।
भविष्य में बस बेड़े की क्षमता भी चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की योजना बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबईवासियों को प्रतिफल देने वाला विकास इस परियोजना का मुख्य आधार है। प्रत्येक डिपो का विकास संग्रहालय, खेल सुविधाएं, सांस्कृतिक गतिविधियां और अन्य सामाजिक आधारभूत सुविधाएं विकसित करने पर विचार किया गया है। इसी क्रम में चयनित डिपो में मराठी फिल्मो के लिए समर्पित 300 से 400 सीट क्षमता वाले सिनेमाघरों की अवधारणा पर भी विचार किया जाए।
मुंबई के सभी ऑक्ट्रॉय नाके बनेंगे ट्रांसपोर्ट हब
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में यातायात जाम कम करने के लिए दहिसर, मानखुर्द, मुलुंड के आनंद नगर, एलबीएस रोड और ऐरोली नाका स्थित ऑक्ट्रॉय नाकों के विकास के निर्देश दिए। इन स्थानों पर बस पार्किंग, यात्री चढ़ने-उतरने की सुविधाएं और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित कर उन्हें ट्रांसपोर्ट हब के रूप में तैयार किया जाएगा। इससे बाहरी क्षेत्रों से आने वाली निजी बसों का शहर के भीतर प्रवेश कम होगा और ट्रैफिक दबाव घटाने में मदद मिलेगी। एसटी महामंडल की बसों के लिए भी समन्वित योजना तैयार की जाएगी।
A Vision for BEST: Growth, Connectivity and Sustainability! Chaired a meeting regarding the modernisation of various bus depots of the 'Brihanmumbai Electricity Supply and Transport Undertaking' (BEST Turnaround Project) and the development of octroi check posts at Mumbai's… https://t.co/mu7b8T6XYN — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) June 5, 2026
‘मुंबई 2047’ की योजना तैयार करने का सुझाव
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ और ‘विकसित महाराष्ट्र’ की संकल्पना को ध्यान में रखते हुए ‘मुंबई 2047’ की योजना तैयार की जाए, बेस्ट की आगामी 22 वर्षों की आवश्यकताओं का गहन अध्ययन किया जाए। भविष्य में बसों की संख्या, कर्मचारियों की आवश्यकता, आय एवं व्यय को ध्यान में रखते हुए
दीर्घकालिक वित्तीय योजना बनाई जाए। आर्थिक एवं तकनीकी क्षमता रखने वाली संस्थाओं को ही कार्य करने का अवसर दिया जाए। परियोजनाओं की स्वीकृति, अनुमतियां और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं की पूर्व तैयारी पूरी कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्यान्वयन में कोई बाधा न आए। बैठक में प्राप्त सभी सुझावों को अंतिम मास्टर प्लान में उचित रूप से शामिल किया जाए
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मनपा आयुक्त और महाप्रबंधक ने दिया प्रस्तुतीकरण
मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े और बेस्ट की महाप्रबंधक डॉ. सोनिया सेठी ने बैठक में प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि मुंबई में 132 एकड़ क्षेत्र में फैले 22 बेस्ट डिपो का पीपीपी मॉडल पर विश्वस्तरीय पुनर्विकास किया जाएगा। सिंगापुर, पेरिस, हांगकांग और लंदन के आधुनिक डिपो मॉडल से प्रेरित इस परियोजना के तहत डीबीएफोटी मॉडल पर 7,000 नई बसें, स्मार्ट ईवी चार्जिंग, कर्मचारी आवास, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, रिटेल मॉल, अर्थन प्लाजा, आर्ट गैलरी और सार्वजनिक पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएगी।
पार्किंग संकट पर फोकस
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई में पार्किंग की गंभीर समस्या को देखते हुए बड़े पैमाने पर पार्किंग सुविधाओं का निर्माण आवश्यक है। उन्होंने परियोजनाओं के तहत उपलब्ध भूमि का बहुउद्देशीय उपयोग करने और आर्थिक रूप से व्यवहार्य दीर्घकालिक वित्तीय योजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि सरकारी राजस्व, शहर के हित और बेस्ट की भविष्य की जरूरतों के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके।
