मुंबई उच्च न्यायालय (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: शहर की बिगड़ती हवा को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट की फटकार के बाद बीएमसी ने अब सख्त रुख अपना लिया है। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले 106 निर्माण स्थलों पर तत्काल काम रोकने की कार्रवाई की गई है।
इन सभी स्थलों पर अनिवार्य ‘वायु गुणवत्ता मापन प्रणाली’ न लगाए जाने की बात सामने आई थी। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि पहले ही निर्देश दिए जा चुके थे कि मुंबई में चल रहे हर निर्माण स्थल पर एयर क्वालिटी सेंसर लगाए जाएं।
वहीं, 1,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली बड़ी परियोजनाओं के लिए रेफरेंस ग्रेड एयर क्वालिटी मॉनिटर अनिवार्य किया गया था। इसके बावजूद कई निर्माण कंपनियों ने इन आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया, लगातार चेतावनी और पॉली-अप के बाद भी जब नियमों का पालन नहीं हुआ, तो बीएमसी ने कड़ा कदम उठाते हुए काम बंद करने के नोटिस जारी कर दिए।
इनमें निजी निर्माणों के साथ-साथ रेलवे पुल, एसआरए परियोजनाएं और म्हाडा के कई प्रोजेक्ट भी शामिल हैं। पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अनुसार मई 2025 से इन सेंसरों को लगाने के लिए लगातार पत्राचार और निरीक्षण किए जा रहे थे।
लेकिन जिन मामलो में बार-बार निर्देशों के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, वहां तत्काल कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुपालन रिपोर्ट जमा किए बिना किसी भी स्थल को दोबारा काम शुरू करने की अनुमति नहीं मिलेगी, यह कार्रवाई केवल निर्माण क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगी।
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नियमों का उल्लंघन करने वाली बेकरी इकाइयों और धुआं छोड़ने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी शिकंजा कसने के निर्देश सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं। ईंधन उपयोग, धुएं और उत्सर्जन मानकों की सख्ती से जांच की जा रही है। फिलहाल मुंबई में 28 स्थानों पर निरंतर वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र कार्यरत हैं, जिनसे मिलने वाले आंकड़े ‘समीर’ मोबाइल ऐप पर उपलब्ध हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे हवा की स्थिति पर नजर रखें खुले में कचरा न जलाएं।