

Maharashtra Government Employee Absenteeism Strict Rules : सरकारी कार्यालयों में अनुशासन, जवाबदेही और कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय छोड़ने या कार्यालय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध चरणबद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के निर्देशानुसार पहली बार नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारी को लिखित चेतावनी दी जाएगी। यदि इसके बाद भी संबंधित अधिकारी या कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचता, बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ता है या अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहता है, तो उसके खिलाफ महाराष्ट्र सिविल सेवा नियमों के तहत निलंबन सहित विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने बताया कि सैनिक कल्याण विभाग तथा संभाजीनगर और नाशिक स्थित सेवापूर्व शिक्षा संस्थानों में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने, देर से आने और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे मामलों को गंभीर मानते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की अनुपस्थिति को अनधिकृत अनुपस्थिति माना जाएगा और उस अवधि के लिए अवकाश वेतन भी स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
परिपत्र के अनुसार संबंधित अधिकारी ऐसे मामलों की जानकारी नियुक्ति प्राधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। शिकायत दर्ज होने के बाद एक महीने के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करना अनिवार्य होगा। कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजना भी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी होगी।
राज्य सरकार ने सभी प्रशासनिक विभागों और कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिया है कि परिपत्र का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से सरकारी कार्यालयों में समयपालन, कार्यकुशलता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा तथा नागरिकों को सरकारी सेवाएं अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी।