MPCB की बड़ी कार्रवाई; घोड़बंदर के RMC प्लांट पर तुरंत प्रतिबंध, मंत्री सरनाईक की पहल से मिली राहत
Mumbai News: मीरा-भाईंदर के घोड़बंदर में संचालित RMC प्लांट पर MPCB ने वायु और ध्वनि प्रदूषण फैलाने के आरोप में तुरंत प्रतिबंध लगाया। मंत्री सरनाईक की पहल से नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
- Written By: सोनाली चावरे
प्रताप सरनाईक (pic credit; social media)
MPCB Action on RMC: मीरा-भाईंदर के घोड़बंदर क्षेत्र में संचालित रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट पर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रतिबंध आदेश जारी किया है।यह कार्रवाई परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे के बीच हुए आधिकारिक पत्राचार के बाद संभव हो पाई है।
स्थानीय नागरिकों ने 9 सितंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि घोड़बंदर में चल रहे RMC प्लांट से धूल और रासायनिक प्रदूषण के कारण सांस लेने में कठिनाई, एलर्जी और अस्थमा जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं।शिकायत के बाद 11 सितंबर को MPCB अधिकारियों ने साइट का निरीक्षण किया, जहां कई गंभीर खामियां उजागर हुईं।
निरीक्षण रिपोर्ट में बताया गया कि आरएमसी मिक्सिंग प्लांट को ढंका नहीं गया था जिससे हवा में भारी मात्रा में धूल फैल रही थी।भंडारण क्षेत्र में पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा था और नियमानुसार 30 फुट ऊंचे बैरिकेड की जगह मात्र 10 फुट की टिन की दीवार लगाई गई थी।वहीं, ट्रांजिट मिक्सर वाहनों के लिए टायर धोने की सुविधा नहीं थी।कंक्रीट पिट और सीवेज के निस्तारण का कोई प्रबंधन मौजूद नहीं था।
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सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली MPCB सर्वर से जुड़ी ही नहीं थी।इससे इलाके में धूल और प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया था।MPCB ने रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा कि इस लापरवाही से नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा था और भूजल दूषित होने का खतरा भी बना हुआ था।
कार्रवाई के बाद MPCB ने प्लांट की बिजली और पानी की आपूर्ति तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं।साथ ही, चेतावनी दी है कि आदेश का पालन न करने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा,“मैंने खुद नागरिकों की शिकायतें पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे तक पहुंचाईं।निरीक्षण में जब गंभीर खामियां मिलीं तो तुरंत प्रतिबंध का आदेश जारी किया गया।यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है।शहर की सभी प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ अब सख्त कदम उठाए जाएंगे।”
वर्तमान में घोड़बंदर इलाके में ऐसे छह RMC प्लांट के खिलाफ भी शिकायतें दर्ज की गई हैं जिन पर जल्द ही कार्रवाई की संभावना है।
