स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन, बचत समूह मिलकर करें मार्केटिंग: शिरसाट
UMED Mission Maharashtra: छत्रपति संभाजीनगर में स्वयं सहायता समूहों की प्रदर्शनी के उद्घाटन पर मंत्री संजय शिरसाट ने महिलाओं को संयुक्त मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर जोर दिया।
- Written By: आंचल लोखंडे
संजय शिरसाट (सोर्सः सोशल मीडिया)
Sanjay Shirsat Sambhajinagar: उत्पाद बेचते समय आत्मविश्वास और चेहरे पर मुस्कान बहुत जरूरी है। आप सभी मेहनत तो करती हैं, लेकिन सही मार्केटिंग के अभाव में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। कम से कम पांच स्वयं सहायता समूह एकजुट होकर मार्केटिंग करें, इससे व्यवसाय बढ़ेगा और मुनाफा भी अधिक होगा। यह बात राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री एवं जिले के पालकमंत्री संजय शिरसाट ने कही।
उमेद राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान के अंतर्गत विभागीय, जिला स्तरीय और मिनी स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन शिरसाट ने किया। इस मौके पर वे मार्गदर्शन कर रहे थे। कार्यक्रम में महापौर समीर राजुरकर, सांसद डॉ. कल्याण काले, विधायक अनुराधा चव्हाण, विभागीय आयुक्त जितेंद्र पापलकर, जिलाधिकारी दिलीप स्वामी और जिप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
महिलाओं के पास हुनर, सिर्फ ब्रांडिंग की जरूरत
शिरसाट ने कहा कि स्टॉल का दौरा करने पर उन्हें सुखद अनुभव हुआ। विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ और हस्तनिर्मित उत्पाद देखने को मिले। उन्होंने महिलाओं से कहा कि आपके पास हुनर और गुणवत्ता है, लेकिन उसे सही ब्रांडिंग की जरूरत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मार्केटिंग को मजबूत बनाने में सरकार हरसंभव सहयोग करेगी।
सम्बंधित ख़बरें
प्रदर्शनकारी छात्र आतंकवादी नहीं, देश का भविष्य हैं, सरकार पर बरसे CJP संस्थापक अभिजीत दिपके
सोशल मीडिया पर अपराध का महिमामंडन पड़ा महंगा! छत्रपति संभाजीनगर में भड़काऊ और आपत्तिजनक खातों पर पुलिस की नजर
उदय सामंत बोले- छात्रों के साथ अन्याय नहीं होगा, आंदोलन को राजनीति से दूर रखें; संवाद से निकलेगा समाधान
छत्रपति संभाजीनगर के युवाओं के लिए बड़ा मौका: 30 जुलाई को भव्य रोजगार मेला, 500 से अधिक पदों पर होगी भर्ती
उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जिलों को पर्याप्त निधि उपलब्ध है। यदि जिले में 100 स्टॉल के साथ एक विशेष मॉल तैयार किया जाए तो स्वयं सहायता समूहों को बड़ा लाभ मिल सकता है। उत्पादों पर जिला प्रशासन या जिला परिषद का नाम होने से ग्राहकों का विश्वास और मजबूत होगा।
‘चलित स्टॉल’ की अभिनव संकल्पना
उन्होंने सुझाव दिया कि पांच-पांच समूह मिलकर मोबाइल स्टॉल शुरू कर सकते हैं। लगभग पांच लाख रुपये में ऐसा वाहन तैयार हो सकता है। इससे किराया और बिजली खर्च बचेगा तथा सालभर कारोबार संभव होगा। वाहन सहायता के लिए भी सरकार सहयोग देगी।
ये भी पढ़े: छत्रपति संभाजीनगर: शिक्षा विभाग सख्त, पहली कक्षा प्रवेश के लिए नए नियम लागू, 6 साल उम्र पूरी होना अनिवार्य
100 स्टॉल के साथ विशेष मॉल का सुझाव
पापलकर ने कहा कि यह पहल महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए है। स्वामी ने ‘लखपती दीदी’ की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य बताया और कहा कि आकर्षक पैकेजिंग से उत्पाद विदेशों तक पहुंच सकते हैं। अंकित ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों को बड़े उत्पादकों और बैंकों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने एआई और अन्य डिजिटल टूल्स के उपयोग से प्रचार-प्रसार करने की अपील की। जिला परिषद मैदान में यह प्रदर्शनी मार्च तक चलेगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्टॉलों पर जाकर समूहों के उत्पादों को प्रोत्साहन दें।
